विधान परिषद में पहली बार बीजेपी को मिल सकती हैं 8 सीटें, विप में जाने के लिए बिहार से दिल्ली तक लॉबिंग शुरू

विधान परिषद में पहली बार बीजेपी को मिल सकती हैं 8 सीटें, विप में जाने के लिए बिहार से दिल्ली तक लॉबिंग शुरू

पटना... बिहार विधानसभा चुनाव में सफलता मिलने के बाद अब भाजपा के पक्ष में विधान परिषद की सबसे अधिक सीट भी जाती दिख रही है। यह भाजपा के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा। विप में अभी 17 सीटें खाली हैं। सुशील मोदी के राज्यसभा में जाना तय हो चुका है, इसके बाद विप में खाली सीटों की संख्या 18 हो जाएगी। इन सीटों में 8 सीटे भाजपा के कोटे में आ सकती है। 

 भाजपा के खाते में आने वाली 8 सीटों में मनोनयन कोटे की 12 में छह तो विधानसभा कोटे की दो सीटे हैं। एक साथ इतनी संख्या में विधान पार्षद का कोटा मिलने की संभावना के मद्देनजर पार्टी के उन नेताओं-कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जो वर्षों से पार्टी की सेवा में लगे हैं। अब तक विधान परिषद के कोटे में भाजपा को अधिकतम मनोनयन कोटे में पांच सीटें ही मिली हैं। चूंकि इस बार विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भाजपा के खाते में मनोनयन कोटे की 12 में से आधी यानी छह सीटें मिल सकती हैं। 

मनोनयन कोटे के अलावा भाजपा के खाते में दो सीटें विधानसभा कोटे की आने की उम्मीद हैं। विनोद नारायण झा विधायक बन चुके हैं। इनका कार्यकाल 2022 तक का था। जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी राज्यसभा जा रहे हैं। सुशील मोदी का कार्यकाल 2024 तक बचा है। 

पार्टी नेताओं के अनुसार आठ सीटें आने के बाद दल में वैसे नेता अपनी गोटी सेट करने में लग गए हैं, जो विधान परिषद जाने की चाह रखते हैं। इसके लिए बिहार से लेकर दिल्ली दरबार तक लॉबिंग की जा रही है। वैसे तो पार्टी में दावेदारों की लंबी फौज है, लेकिन दल में निष्ठा रखने वालों को तरजीह मिलनी तय मानी जा रही है।


मौजूदा दलगत स्थिति 
कुल सदस्य : 75
जदयू : 23
भाजपा : 19
राजद : 06
कांग्रेस : 04
भाकपा : 02
हम : 01
लोजपा : 01
निर्दलीय : 02

अभी खाली 17 सीटें 
12 मनोनयन कोटे की
04 स्थानीय निकाय की
01 विधानसभा कोटे की 

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