कोरोना को लेकर विधानसभा अध्यक्ष का फैसला, विस सचिवालय में स्थापित होगा कंट्रोल रूम

कोरोना को लेकर विधानसभा अध्यक्ष का फैसला, विस सचिवालय में स्थापित होगा कंट्रोल रूम

PATNA : बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आज लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में "कोविड-19 महामारी की मौजूदा स्थिति- जनप्रतिनिधियों  की भूमिका एवं दायित्व" विषय पर आयोजित देश के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में भाग लिया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते संक्रमण से बिहार सहित पूरा देश जूझ रहा है. यह अब महामारी से बढ़ कर मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा महायुद्ध बन गया है. इससे लडाई में हम जनप्रतिनिधियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गयी है. उन्होंने बिहार के जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि हम इस  महायुद्ध में सतर्क और सावधान रहकर भागीदार बनें और जन जागरण करते रहें. 

साथ ही उन्होंने कहा कि इस बैठक में  सभी राज्यों के विधानसभाओं के अध्यक्षगण शामिल हैं  और लोकसभा के अध्यक्ष का संरक्षण हमें प्राप्त है. इस नाते मेरी अपील है कि बिहार से बाहर अन्य राज्यों में कार्यरत बिहार के प्रवासी  कामगारों, नौकरीपेशा वालों तथा  विद्यार्थी  पर अनावश्यक रूप से बिहार लौटने का दवाब न बनाया जाए और जरूरत पड़ने पर वहाँ की सरकार को भी उनका समुचित ध्यान देना चाहिए. कोरोना पीडित बिहार के लोगों का वहाँ भी समुचित इलाज हो. उन्होंने बिहार सहित पूरे देश में कोरोना की  लड़ाई  के लिए सकारात्मक माहौल बनाने का भी आग्रह  किया और कहा कि सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक योद्धा एक बार फिर कोरोना की लडाई में तन, मन और धन से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. ताकि हम इस पर विजय पा सकें. उ

न्होंने बिहार में कोरोना संक्रमित लोगों के उपचार के लिए आक्सीजन  सिलिंडर और दवाओं की कमी न हो, इसके लिए सतत प्रयास करने पर जोर दिया. सिन्हा ने बैठक के दौरान कोरोना संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी चर्चा की. उन्होंने बिहार विधानसभा के  सभी सदस्यों से उनके क्षेत्र में  एक कंट्रोल रूम स्थापित करने का भी सुझाव दिया. साथ ही उन्होंने लोकसभाध्यक्ष के सुझाव के अनुसार  बिहार विधानसभा सचिवालय में पुनः एक कंट्रोल रूम स्थापित करने निर्णय लिया. लोकसभा अध्यक्ष  ने बैठक के दौरान कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में  विधायिका की जिम्मेदारी बढ़ गयी है. हमें जनता और सरकार के बीच सेतु  का काम करना होगा. स्वास्थ्य सुविधायें दवाब में है, विधायिका को बेहतर समन्वय करना होगा. मौका पर सभी राज्यों के पीठासीन पदाधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण नेतागण वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े थे.

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