लखीसराय में बढ़ते अपराध के खिलाफ धरना पर बैठे विजय सिन्हा और सुशील मोदी, नीतीश सरकार को सख्त चेतावनी

लखीसराय में बढ़ते अपराध के खिलाफ धरना पर बैठे विजय सिन्हा और सुशील मोदी, नीतीश सरकार को सख्त चेतावनी

लखीसराय. बलात्कार के एक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय में एकदिवसीय धरना दिया. उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था को बद से बदतर बताते हुए इसके लिए नीतीश सरकार को दोषी करार दिया. वहीं धरना में सांसद सुशील मोदी भी शामिल हुए. लखीसराय में बलात्कार के एक मामले में अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने के खिलाफ सुशील मोदी ने रोष जताया. 

उन्होंने कहा कि रात के दस-साढ़े दस बजे युवक लड़की के घर में घुसते हैं. आरोपियों की बाइक भी वहीं मिलती है, बावजूद इसके अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने अपराध की इस प्रकार की घटना को राज्य में कानून व्यवस्था की दयनीय हालत का उदाहरण बताया.  उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि राज्य की पुलिस अपरधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं कर रही है. अन्यथा अब तक बलात्कार आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर नहीं होते. विजय सिन्हा की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि सिन्हा जब से नेता प्रतिपक्ष बने हैं वे ऐसे आपराधिक मामलों में पीड़ितों के लिए आवाज उठाने के लिए लगातार संघर्षरत हैं. ऐसे कम से कम छह मामलों में सिन्हा ने राज्य सरकार की पुलिस की उदासीनता को उजागर किया है. 

विजय सिन्हा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार में शामिल लोग द्वारा लखीसराय में पूरे थाना का डाक बोला जा रहा है. जो सबसे ज्यादा डाक बोलता है उसे थाना प्रभारी बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि लखीसराय को अपराध की धरती बनने नहीं देंगे. जो लोग लखीसराय को चारागाह बनाना चाहते हैं उनके मंसूबे को सफल होने नहीं देंगे. उन्होंने लखीसराय में अपराध की घटनाओं में कमी नहीं आने पर इसके खिलाफ हर प्रकार के संघर्ष में जनता का साथ देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि लखीसराय में थाना -पुलिस या भ्रष्ट अधिकारियों को जनता का शोषण करने नहीं देंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार आंदोलन होता रहेगा. 

सुशील मोदी और विजय सिन्हा ने बेगूसराय में हुए गोलीकांड को बिहार में अपराधियों के बढ़ते मंसूबे का परिचायक बताया. उन्होंने कहा कि बेगूसराय की घटना ने साबित किया है कि अब लोग राह चलते सुरक्षित नहीं है. ऐसे में राज्य सरकार का सुशासन का दावा पूरी तरह से भ्रामक है. जनता में अपराधियों का खौफ इस कदर बढ़ा है कि अब लोग राह चलते गोली मार दिए जा रहे हैं और पुलिस –प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई है. 


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