पुलिसिया गुंडागर्दी के खिलाफ 'विजय सिन्हा' की हुंकार! सुन लीजिए...सदन में हम CM से भिड़ गए, अब नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से दोषी पुलिसवालों को दंड भी दिलवायेंगे

पुलिसिया गुंडागर्दी के खिलाफ 'विजय सिन्हा' की हुंकार! सुन लीजिए...सदन में हम CM से भिड़ गए, अब नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से दोषी पुलिसवालों को दंड भी दिलवायेंगे

PATNA: पटना पुलिस की गुंडागर्दी एक बार फिर से सामने आई है। पुलिस ने रात में गांव में घुसकर एक जाति विशेष के लोगों को टारगेट करती है। पुलिस वाले गुंडों की तरह घरों में घुसकर लोगों की जमकर पिटाई करती है। पुलिसिया जुल्म से घायल लोग अस्पताल में भर्ती हैं. आरोप पटना जिले के समियागढ़ ओपी के थानेदार पर लगा है। पुलिसवालों ने तीन दिन पहले रात में गांव में घुसकर बेकसूरों की जमकर पिटाई की थी। यह मामला अब गरमा गया है। बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश सरकार और पुलिस को चेताया हुए याद दिलाया है कि हम जब सदन में नीतीश कुमार से भिड़ सकते हैं तो नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से एक पुलिस अधिकारी को सजा भी दिलवा सकते हैं. इसलिए सत्ता में मद में चूर होकर प्रशासनिक अराजकता फैलाने से बाज आयें   . 

आरोपी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई करें एसएसपी

बिहार विधानसभा में विरोधी दल के नेता विजय कुमार सिन्हा ने आज समियागढ़ जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मोकामा के घोसवरी प्रखंड के समियागढ़ में जिस प्रकार कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा देर रात एक जाति विशेष के लोगों के  ख़िलाफ़ उन्माद फैलाया गया है,वह अत्यंत शर्मनाक है। छठ के पावन अवसर पर भूमिहार समाज से आने वाले पचासों पुरुष अपना गाँव छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं. गांव में मातम का माहौल है। हम आज समियागढ़ जाकर उनके परिजनों से मिला तथा उन्हें ढाढ़स दिया। सरकार दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे,अन्यथा मोकामा की जनता जवाब देगी और इंसाफ के लिये सड़क से सदन तक संघर्ष होगा।

हम मुख्यमंत्री से भिड़ सकते हैं-विजय सिन्हा 

बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि पुलिस के अधिकारी ने एक ही समाज के अज्ञात 30-40 लोगों पर केस करते हैं. आप समझिए, जब अज्ञात केस होता है तो फिर पुलिस के अधिकारी कैसे जान गये कि वो एक ही जाति के हैं. इसमें समयागढ़ था्ने की पुलिस कटघरे में है। रात में पुलिस आकर पिटाई करती है. पुलिस वालों ने धारा 107 लगा कर गांव में उगाही करने गए थे. हमने पटना एसएसपी से बात की है और हमने उच्च स्तरीय जांच करने को कहा है। साथ ही उस दारोगा को उस थाने से हटाने की मांग की है. अगर कोई पदाधिकारी सत्ता के संरक्षण में प्रशासनिक अराजकता फैलायेंगे तो उन्हें चिन्हित करेंगे और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. सबने देखा है कि एक गलत पदाधिकारी को लेकर सदन में हम मुख्यमंत्री से भीड़ सकते हैं तो हम नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से एक पुलिस अफसर को सजा भी दिलवायेंगे। बिहार में पुलिस-प्रशासनिक अराजकता का माहौल बन गया है .मोकामा में अराजकता फैलाई जा रही है. मोकामा की जनता इसका माकूल जवाब देगी.

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