विजयदशमी के अवसर पर क्यो किया जाता है "दशानन" के पुतलों का दहन...जानिए

विजयदशमी के अवसर पर क्यो किया जाता है "दशानन" के पुतलों का दहन...जानिए

पटना (डेक्स) पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है। विजयदशमी को लेकर हिंदू धार्मिक कथाओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि आज ही के दिन भगवान राम ने लंका पति रावण का वध किया था और इसी की खुशी में दशहरा मनाया जाता है और जगह-जगह गोधुली बेला में देशभर में दशानन के पुतलों का दहन किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ मां दुर्गा ने महिषासुर का अंत कर देवताओं और मनुष्यों को उसके अत्याचार से मुक्ति दी थी। इसलिए बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा मनाया जाता है।श्री राम का लंका विजय और मां दुर्गा का महिषासुर मर्दिनी अवतार दशमी को हुआ था, इसलिए इसे विजयादशमी भी कहा जाता है।हालांकि पंचांग और पंडितों के मुताबिक आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर वर्ष दशहरा या विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है।


बताते चले की  इस साल आश्विन शुक्ल दशमी तिथि का प्रारंभ 25 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर हो रहा है, जो 26 अक्टूबर की सुबह 9 बजे तक है। पंचांग में बताए गए मुहूर्त के मुताबिक 25 अक्टूबर को विजयादशमी का त्योहार मनाया जाएगा। विजयादशमी का महत्व भगवान श्रीराम ने माता सीता को रावण के चंगुल से मुक्त कराने के लिए लंका दहन की थी। रावण की राक्षसी सेना और श्रीराम की वानर सेना के बीच भयंकर युद्ध हुआ था, जिसमें रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण जैसे सभी राक्षस मारे गए।रावण पर भगवान राम के विजय की खुशी में हर साल दशहरा मनाया जाता है।लेकिन इस बार कोरोना की वजह से विजयादशमी को लेकर सरकार ने गाइडलाइन जारी की है।इन गाइडलाइन का पालन करते हुए विजयादशमी मनाया जा रहा है।

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