ब्राह्मणों को मांझी की गाली पर भड़के वीआईपी के विकास, मांझी को दिया धर्म परिवर्तन का सुझाव

ब्राह्मणों को मांझी की गाली पर भड़के वीआईपी के विकास, मांझी को दिया धर्म परिवर्तन का सुझाव

पटना. ब्राह्मण और मुसहर जाति को गाली देने और हिंदू देवी देवताओं के लिए अपमान सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के सवर्ण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने रविवार को कहा कि ऐसी टिप्पणी मांझी की ओछी मानसिकता का परिचायक है. 

विकास ने कहा कि सुर्ख़ियों में बने रहने के लिए मांझी अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हैं. वे हमेशा असंसदीय और अमर्यादित भाषा बोलने के लिए जाने जाते हैं. चुनाव के समय मांझी को सबका वोट चाहिए और चुनाव जीतकर सत्ता में आ जाने के बाद अब कभी हिंदू धर्म तो कभी ब्राह्मणों को अपमानित करने वाली टिप्पणी कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि मांझी हमेशा से कुछ से कुछ उल्टा पुल्टा बोलकर खुद को चर्चा में बनाए रखने की कोशिश करते हैं. इसी कारण वे कभी भगवान राम तो कभी हिंदू तो कभी ब्राह्मणों पर अमर्यादित टीका टिप्पणी करते हैं. मांझी को अगर पूजा नहीं करना है तो न करें. उन्हें कोई जबरन पूजा करने नहीं कह सकता. और अगर मांझी को लगता है कि वे हिंदू नहीं है तो बेहतर है वे धर्म परिवर्तन कर लें. विकास ने कहा कि कोई भी ब्राह्मण बिना बुलाए किसी के यहाँ पूजा पाठ करने नहीं जाते. ऐसे में किसी को अपने घर बुलाकर और फिर उसके लिए, उस पूरे समुदाय के लिए अपमानित, अमर्यादित और असंसदीय टिप्पणी करना मांझी की ओछी मानसिकता का परिचायक है. 

विकास ने कहा कि नीतीश कुमार के रहमो करम पर जीतन राम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री बने थे. उसके बाद से ही वे अपने अल-जलूल बयानों के लिए जाने जाने लगे. न सिर्फ राम, हिंदू, ब्राह्मण या किसी अन्य समुदाय और धर्म बल्कि वे शराबबंदी जैसे समाज हितैषी निर्णय की अक्सर आलोचना करते हैं. 

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