पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का धरने पर बैठना नहीं है कोई पहला मामला, चुनाव से ठीक पहले कई सीएम कर चुके है ऐसा

NEWS4NATION DESK : पश्चिम बंगाल की सीएम और सीबीआई के बीच शुरु हुआ घमासान अब पश्चिम बंगाल और केन्द्र सरकार के बीच हो गया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी केन्द्र की मोदी सरकार और सीबीआई कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठ गई है। आम चुनाव नजदीक है और ममता के इस विरोध को चुनावी स्टंट के रुप में देखा जाना शुरु हो गया है। वहीं आज एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल में मचे घमासान पर ममता बनर्जी का नाम लिए वगैर  कहा कि चुनाव का समय नजदीक है यह सब एक महीने तक चलेगा। 

ऐसा नहीं है कि ममता बनर्जी कोई पहली सीएम है जो ठीक चुनाव से पहले ऐसा मोर्चा खोली है। इससे पहले भी देश में ऐसे विरोध और धरना प्रदर्शन कई राज्यों के सीएम द्वारा किया जा चुका है।  
 
आम चुनाव से ठीक पहले केन्द्र सरकार के खिलाफ राज्य के सीएम द्वारा ऐसा विरोध और धरने की कवायद का गवाह देश 2014 में रह चुका है। वर्ष 2014 में ठीक आम चुनाव से पहले 4-4 मुख्यमंत्रियों ने तत्तकालीन केन्द्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था और धरने पर बैठे थे। 

सबसे पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने 2014 की जनवरी माह में दिल्ली के पहाड़गंज इलाक़े में डेनमार्क की एक महिला पर्यटक के साथ बलात्कार के विरोध में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। बाद में दिल्ली के तत्कालीन उप राज्यपाल नजीब जंग की अपील के बाद उन्होंने धरना खत्म किया था।

वहीं आंधप्रदेश के विभाजन के खिलाफ दिल्ली में ही फरवरी 2014 में आंधप्रदेश के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी जंतर-मंतर पर धरना पर बैठे। इस दौरान उनके साथ कई राज्यमंत्री और सीमांध्र क्षेत्र के विधायक धरने में शामिल हुए थे। इसके बाद ही किरण कुमार रेड्डी ने कांग्रेस छोड़ दी थी और ‘जय समयक्या आंध्र पार्टी’ का गठन किया था। 

केजरीवाल और किरण रेड्डी के बाद धरना देने वाले मुख्यमंत्रियों की लिस्ट में बिहार के सीएम नीतीश कुमार का भी नाम दर्ज है। 2014 आम चुनाव से पहले मार्च महीने में नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर साथियों के साथ नारेबाजी की और पैदल मार्च कर गांधी मैदान पर धरना दिया था।

वहीं वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव से ऐन पहले मार्च में मध्यप्रदेश के तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान किसानों के मुद्दे पर तत्कालीन मनमोहन सिंह के यूपीए सरकार के खिलाफ चार घंटे तक उपवास पर बैठे थे। 

Find Us on Facebook

Trending News