ये कैसी शिक्षा : बिहार का ऐसा सरकारी स्कूल जहाँ छात्राएं खुद बनाती हैं मिड डे मिल

ये कैसी शिक्षा : बिहार का ऐसा सरकारी स्कूल जहाँ छात्राएं खुद बनाती हैं मिड डे मिल

SASARAM : रोहतास जिला में मिड डे मील की स्थिति काफी दयनीय हैं. इसका नजारा हम आपको दिखाते हैं. यहाँ मध्यान्ह भोजन स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियां खुद बनाती हैं. वे खुद मसाला पिसती हैं और सब्जी भी खुद ही काटती हैं. लकड़ी के चूल्हे पर धुएं के बीच स्कूल जाने वाली बच्चियां प्रतिदिन 150 से 250 बच्चों के लिए खाना बनाती है. 

यह हम नहीं कह रहे हैं, यह तस्वीरें बयां कर रही हैं. यह तस्वीरें रोहतास जिला के दावथ प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बैरिया गांव की है. आप देख सकते हैं कि किस प्रकार लड़कियां अपने कंधे पर जलावन की लकड़ी ढो रही हैं. मसाला पीस रही हैं, सब्जी काट रही हैं. 

अब ऐसे में अगर स्कूल में कोई खाना बनाने के दौरान हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? मां बाप पढाई करने के लिए अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं और स्कूल में आने के बाद बच्चों से अगर मसाला पीसवाया जाए, खाना बनवाया जाए, सब्जी कटवाया जाय, तो आप समझ सकते हैं कि यह कितना गंभीर मामला है. मामला जब संज्ञान में आया तो जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रेमचंद ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए. डीईओ ने बताया कि किस परिस्थिति में बच्चों से खाना बनवाया गया है? 

इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व जिला परिषद सदस्य विकास यादव कहते हैं कि कमोबेश पूरे जिले की हालत यही है. बच्चों को गुणवत्ताविहीन खाना दिया जा रहा है.  

सासाराम से राजू की रिपोर्ट 


Find Us on Facebook

Trending News