MVI के खिलाफ परिवहन विभाग की यह कैसी जांच?, डेढ़ महीने बाद भी पुलिस से नही मांगी गई रिपोर्ट

MVI के खिलाफ परिवहन विभाग की यह कैसी जांच?, डेढ़ महीने बाद भी पुलिस से नही मांगी गई रिपोर्ट

PATNA : अगर आम आदमी परिवहन कानूनों को तोड़े तो अधिकारी सीधे भारी-भरकम फाईन लगा देते हैं, लेकिन वही सरकारी अधिकारी नियम को तोड़े ही नही बल्कि उसकी धज्जी उड़ा दे तो उसपर कार्रवाई की जगह सिर्फ जांच का आश्वासन दिया जाता है।

हम बात कर रहे हैं बिहार के परिवहन विभाग की। जहां मुजफ्फरपुर के एमवीआई दिव्य प्रकाश ने दूसरे जिले के 2 थाने मे जब्त गाड़ी का फिटनेस दे दिया। पिछले 6 महीने से विभागीय मंत्री संतोष निराला जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देते रहे। विभागीय सचिव संजय अग्रवाल भी जांच की बात कहते रहे, लेकिन जांच कहां तक पहुंची यह बताने के लिए कोई तैयार नही है।

न्यूज4नेशन की पड़ताल मे जांच की खुली पोल

परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने न्यूज4नेशन के सवाल पर 6जनवरी 2019 को कहा था कि मुजफ्फरपुर के एमवीआई दिव्य प्रकाश के फर्जीवाड़े के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होने कहा था कि मोतिहारी के रक्सौल और हरसिद्धी थाने की पुलिस से जहां ट्रक जब्त था रिपोर्ट मांगी गई है। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अभीतक परिवहन विभाग द्वारा रक्सौल थाने की पुलिस से  ट्रक जब्ति के संबंध मे कोई रिपोर्ट नही मांगी गई है। रक्सौल पुलिस का कहना है कि इस संबंध मे अबतक कोई पत्र नही आया है। अगर पत्र आएगा तो सही जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। 


 
न्यूज4नेशन ने MVI के फर्जीवाड़े की खोली थी पोल

मुजफ्फरपुर के मोटर यान निरीक्षक (MVI) दिव्य प्रकाश पर आरोप था कि सारे नियमों की अनदेखी कर पुलिस द्वारा जब्त कर थाने में रखे ट्रकों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया। बता दें कि दिव्य प्रकाश ने दोऐसे ट्रकों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया जिसे दूसरे जिले मोतिहारी के दो विभिन्न थानों मे जब्त कर रखा गया था।

पहला ट्रक BR06G-2467 जो रक्सौल थाना और दूसरी गाड़ी BRO6G-4920 को हरसिद्धि थाने ने जब्त कर रखा था। MVI साहब दिव्य प्रकाश ने गाड़ी संख्या BR06G 2467 और BRO6G-4920 का फिटनेस सर्टिफिकेट पुलिस द्वारा जब्त किए जाने के बाद जारी कर दिया। रक्सौल पुलिस ने जिस ट्रक को 1 अगस्त 2018 को जब्त किया, मुजफ्फरपुर MVI ने उसके दो दिन बाद यानी 3 अगस्त 2018 को उसी ट्रक का फिटनेस दे दिया। वही दूसरे ट्रक जो हरसिद्धि थाने ने जब्त कर रखा था उस गाड़ी को भी एमवीआई नें मुजफ्फरपुर में बैठे-बैठे फिटनेस का सर्टिफिकेट दे दिया।

जवाब देने से बच रहे अधिकारी 

इस संबंध में परिवहन विभाग के अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं। हमने जवाब जानने की कोशिश की लेकिन विभाग की तरफ से कोई जवाब नही दिया गया। बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक लापरवाह अधिकारी पर कार्रवाई की जगह बचाने की कार्रवाई क्यों की जा रही है। जब संबंधित थाना उक्त जब्त ट्रक की सही जानकारी उपलब्ध कराने को तैयार है तो फिर परिवहन विभाग के जांच अधिकारी चुप्पी साधे क्यों बैठे हैं? पिछले 6 महीनों से सिर्फ जांच की बहानेबाजी के पीछे कहीं न कहीं बड़ा राज छूपा है।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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