CM खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 60 सीसीटीवी को पुलिस ने खंगाला तो पता चला कि एयरपोर्ट से ही पीछे लगे रहे अपराधी

CM खुद कर रहे मॉनिटरिंग,  60 सीसीटीवी को पुलिस ने खंगाला तो पता चला कि एयरपोर्ट से ही पीछे लगे रहे अपराधी

डेस्क... इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या में एसआईटी व एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार की देर शाम बिहटा से तीन संदिग्ध पकड़े गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हत्या को लेकर काफी गंभीर हैं। उहनेांने कहा, मैं खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहा हूं। सीएम ने डीजीपी से हत्या से जुड़ी सारी जानकारी ली। हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश भी दिए हैं। डीजीपी ने बताया कि इस मामले में एसआईटी गठित कर कार्रवाई की जा रही है। 

मुख्यमंत्री का कहना था कि राजय में किसी तरह की अपराध की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस पूरी सख्ती से पेश आए। बुधवार को एसटीएफ ने जहां पटना से छपरा तक छापेमारी की। वहीं एसआईटी ने पटना एयरपोर्ट पर पांच घंटे तक वहां लगे 60 सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। इस दौरान पुलिस को एक संदिग्ध दिखा जिससे लग रहा है वह उनकी रेकी कर रहा था। सचिवालय डीएसपीव शास्त्रीनगर के थानेदार के अलावा सेल की टीम एयरपोर्ट गई थी। एसआईटी ने एयरपोर्ट अधिकारियों से लेकर कमियों के अलावा रूपेश से जुड़े करीब तीन दर्जन लोगों से पूछताछ की है। एसपी उपेंद्र शर्मा स्वयं हर पल की खबरों पर नजर लगाए हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज देखेने के बाद लग रहा है कि बाइक सवार दो संदिग्ध एयरपोर्ट से ही रूपेश के पीछे लग गए थे। इस मामले में तीनों टीमों ने अलग-अलग पहुंचकर पटना एयरपोर्ट पर पहुंचकर जांच में जुटी रही। 

पटना पुलिस ने जांच के दौरान एयरपाेर्ट के 6 कैमरों से रूपेश सिंह के बाहर निकलने की तस्वीरें देखी हैं। पहली तस्वीर ठीक शाम 6.42 मिनट की है। जब रूपेश टर्मिनल भवन से बाहर की तरफ निकल रहे हैं। वहां से वह सीधे स्टाफ कार पार्किंग परिसर में पहुंचते हैं। जिस वक्त रूपेश कार पार्किंग में प्रवेश करते हैं, उस वक्त दो युवक बाइक से निकलते देखे गए। लगभग 6 बजकार 39 मिनट पर रूपेश अपनी एमजी हेक्टर गाड़ी से तेजी से बाहर निकलते देखे गए। ठीक 6 बजकार 52 मिटन पर उनकी गाड़ी एयरपोर्ट से बाहर निकली। 6 बजकर 55 मिनट पर रूपेश की गाड़ी केंद्रीय विद्यालय बेली रोड के पास पहुंची। जिस वक्त उनकी गाड़ी बेली रोड पार कर दाहिने मुड़ी उस वक्त दोनो बाइक सवार गाड़ी को ओवरटेक करते देखे गए। पटना पुलिस की टीम दोनों बाइक सवारेां की तलाश कर रही है। 

नहीं पता चला कि कौन-सी है बाइक
पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सबूत नहीं लगा है। जांच की दिशा क्या है? इसे पूरी तरह से गुप्त रखा जा रहा है। खेल टेंडर का है या कुछ और? इस बारे में पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी नहीं बता रहे हैं। पुलिस के हाथ वारदात स्थल के आसपास के कुछ CCTV फुटेज जरूर लगे हैं। जिसमें बाइक सवार अपराधी दिखे भी हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार अंधेरा होने की वजह से यह पता नहीं चल पा रहा है कि बाइक कौन सी थी? उसका नंबर क्या था?

ब्लाइंड केस है, टाइम लगेगा पर खुलासा करेंगे
रुपेश के हत्यारों की तलाश में पटना से लेकर सारण और गोपालगंज जिले तक पुलिस, STF और CID की टीम काम कर रही है। पिछले 24 घंटे में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी चल रही है। वारदात के पीछे की वजह और हत्यारे कौन हैं? इस बारे में अब तक कुछ साफ नहीं हो सका है। पुलिस के लिए यह केस पूरी तरह से ब्लाइंड है। पटना के रेंज आईजी संजय सिंह के अनुसार पुलिस ने अपनी पूरी ताकत अपराधियों को पकड़ने में लगा दी है। उनका दावा है कि थोड़ा टाइम लगेगा पर खुलासा जल्द होगा।

हो सकता है टेंडर कनेक्शन !

पटना में इंडिगो स्टेशन मैनेजर रूपेश सिंह की हत्या के बाद एसआइटी और एसटीएफ की टीम विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। सूत्रों की मानें, तो हत्या के पीछे किसी टेंडर का कनेक्शन हो सकता है और वह भी गोपालगंज से कनेक्शन की बात सामने आ रही है। घर के आसपास के लोगों से पता चला है कि वे अपने भाई को कई टेंडर दिलवा चुके हैं। सूत्रों की मानें तो गोपालगंज में किसी टेंडर को लेकर रूपेश लगे हुए थे। वैसे पुलिस गोपालगंज, छपरा व पटना तीनों जिलों से सुराग खंगालने में लग गयी है।

सेमिरिया में रूपेश को पांच साल के बेटे अक्षत ने दी मुखाग्नि

रूपेश सिंह का शव बुधवार की शाम सेमिरया घाट पर लाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ। पांच साल के बेटे अक्षत ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। दाह संस्कार के दौरान सभी की आंखे नम रहीं, वहीं इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और छपरा जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे आदि लोग मौजूद रहे। घाट पर मौजूद सभी व्यक्ति यही चर्चा कर रहे थे कि इतने मिलनसार व्यक्ति की कोई कैसे हत्या कर सकता है।

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