चोरी बना वरदान : जब सोने की चोरी हुई तो उसकी कीमत 13 लाख थी, जब बरामद हुआ तो उसकी कीमत आठ करोड़ हो गई, जानें कैसे हुआ यह सब

चोरी बना वरदान : जब सोने की चोरी हुई तो उसकी कीमत 13 लाख थी, जब बरामद हुआ तो उसकी कीमत आठ करोड़ हो गई, जानें कैसे हुआ यह सब

DESK : एक घर से चोरों ने 13 लाख के रुपए को सोने की चोरी कर ली। लेकिन, जब उसे पुलिस ने बरामद किया तो उसकी कीमत आठ करोड़ तक पहुंच चुकी थी। इतना मुनाफा किसी बैंक या दूसरी इन्वेस्टमेंट कंपनियों में भी नहीं मिलता। इसलिए एक बार यकीन करना मुश्किल हो जाएगा, लेकिन यह सच है और यह मामला मुंबई से जुड़ा हुआ है।

दरअसल, 22 साल पहले 1998 में मुंबई में फेमस फैशन ब्रांड चिराग दिन के मालिक अर्जन दासवानी के घर में चोरी की घटना हुई थी। 8 मई 1998 को हुए इस घटना में लुटेरों के एक गैंग ने धारदार हथियार से पहले सिक्योरिटी गार्ड को घायल किया और फिर पूरे दासवानी परिवार को बंधक बनाकर, उनसे तिजोरी की चाबियां लेकर यह गोल्ड चुराया था। चोरों ने इस दौरान एक गोल्ड कॉइन, दो गोल्ड ब्रेसलेट और 100 ग्राम और 200 मिलीग्राम वजन की दो सिल्लियां चोरी की थीं। तब इन चोरी हुई सोने की सिल्लियों की कीमत 13 लाख थी। अदालत के आदेश के बाद अब यह गोल्ड अर्जन के बेटे राजू दासवानी को वापस मिल गया है।

पुलिस ने जल्द पकड़ लिया चोरों को 

मुंबई पुलिस ने चोरी की इस घटना को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए इस घटना के कुछ दिनों बाद ही पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया था और तीनों को साल 1999 में सजा हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी का कुछ सोना बरामद हुआ था। इस मामले में तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी नहीं होने तक कोर्ट ने सोना पुलिस कस्टडी में रखने का आदेश दिया था। 22 साल पहले हुई चोरी के कुछ समय बाद ही पुलिस ने चोरी हुआ सोना बरामद कर लिया था, लेकिन कानूनी पचड़ों के कारण यह परिवार को नहीं मिल सका। हालांकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर फरियादी ने सोना वापस दिलाने की अपील की थी। अब कोर्ट ने फरियादी के पक्ष में अंतिम फैसला सुनाया है। अदालत के आदेश के बाद अब यह गोल्ड अर्जन के बेटे राजू दासवानी को वापस मिल गया है।


 कब तक करेंगे इंतजार

मामले में सुनवाई के दौरान जज ने अपने फैसले में कहा कि इस संपत्ति को पुलिस कस्टडी में रखने का कोई मतलब नहीं है। दो फरार आरोपियों कि गिरफ्तारी में इतने सालों में कोई प्रगति नहीं हुई है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई शिकायतकर्ता अपनी संपत्ति वापस लेने के लिए सालों साल तक इंतजार करता रहेगा तो यह न्याय का मजाक और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।

अब आठ करोड़ हो चुकी है कीमत

22 साल तक पुलिस कस्टडी में रखा हुआ सोन की कीमत अब आठ करोड़ रुपए हो चुकी है। मामले में राजू की कनाडा और अमेरिका में रहने वाली बहनें संपत्ति की कानूनी वारिस हैं, उन्होंने अपने भाई को गोल्ड दिए जाने पर अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया था।

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