BDO बनकर गांव आये तो ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत, मां सिलाई-कढ़ाई और पिता पान की खेती करते हैं

BDO बनकर गांव आये तो ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत, मां सिलाई-कढ़ाई और पिता पान की खेती करते हैं

खगड़िया. कहते हैं कि प्रतिभा धूप, हवा और खुशबू की तरह होती है, जिसे छिपाने से छिपती नहीं है. बल्कि और निखरती है. तभी तो खगड़िया जिले एक बेहद गरीब परिवार में जन्मा अरविंद कुमार की प्रतिभा गरीबी में दबी नहीं बल्कि और निखरी. तभी वह अपने प्रतिभा और कुछ कर गुजरने की जज्बा से वह आज BDO बना है.

जब वह ग्रामीण प्रखण्ड विकास पदाधिकारी बनकर अपने गांव  कल आये तो मां भावुक हो गई. ग्रामीण बैंड बाजे की धून और फूलों की बारिश करके अरविंद कुमार स्वागत किया है. गुदरी के लाल की सफलता पर पूरा गांव गौरवान्वित हो गया है. दरअसल अरविंद कुमार खगड़िया जिले के गोगरी प्रखण्ड के गौछारी गांव के रहने वाले है, जो BPSC की 65 वीं प्रतियोगिता परीक्षा में 278 वां स्थान लाकर BDO के पद पर चयनित हुए हैं.

अरविंद के पिता जंहा पान की खेती करते हैं. वंही मां सिलाई-कढ़ाई का काम गांव में करते है. माँ-बाप ने कड़ी मेहनत करके अपने बेटे को अधिकारी बनाये. दिल्ली में पढ़ाई करने के बाद भी मां-बाप रूपये की कमी अरविंद होने नहीं दिया. यूं तो अरविंद की मैट्रिक तक की पढ़ाई गांव के स्कूलों में हुई. बाद में इंटर और ग्रेजुवेशन की पढ़ाई पटना के TPS कॉलेज में हुई.

अरविंद मैट्रिक की परीक्षा में जिला टॉपर रह चुका है. अरविंद के कल गाँव आते ही माता-पिता से लेकर ग्रामीणों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा. गांव वालों ने अरविंद के स्वागत में आज सम्मान समारोह का आयोजन किया और उसे सम्मानित किया.

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