रेरा का डंडा चला तो 'गृह वाटिका' होम्स के होश ठिकाने आये, लोगों का लाखों-करोड़ों रू लेकर सालों से ऐश कर रहा था बिल्डर

रेरा का डंडा चला तो 'गृह वाटिका' होम्स के होश ठिकाने आये, लोगों का लाखों-करोड़ों रू लेकर सालों से ऐश कर रहा था बिल्डर

PATNA: पटना के बिल्डर ग्राहकों से लूटते हैं। अगर आप बिल्डर के झांसा में आ गए और पहुंच-पैरवी नहीं है तो बर्बादी तय है। पटना में कई ऐसे बिल्डर हैं जो पब्लिक के पैसे बटोर कर अपनी संपत्ति अर्जित कर खूब ऐश कर रहे हैं। लिहाजा ऐसे बिल्डरों से सचेत रहने की जरूरत है। बिल्डर- डेवलपर्स सिर्फ ग्राहकों को ही ठगने का काम नहीं कर रहे बल्कि रेरा के आदेश को भी ठेंगा दिखाते हैं। हालांकि रेरा के आदेश का खुल्लम खुल्ला उलंघन करने वाले बिल्डरों पर लगातार सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। गृह वाटिका होम्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने भी लोगों को खूब बेवकूफ बनाया। इस बिल्डर के कारनामों से तंग आकर लोगों ने रेरा की शरण ली। जब रेरा ने डंडा चलाया है तो गृह वाटिका होम्स के निदेशक -एमडी के होश ठिकाने आये हैं। 

 वीआईपी रेजिडेंसी, पुष्प वाटिका, कमल कंपलेक्स, उर्मिला वाटिका के निबंधन पर रोक

ग्राहकों की शिकायत पर रेरा ने बिल्डरों की कंपनी के खाते फ्रीज कर संपत्ति-फ्लैट बिक्री पर रोक लगाकर नकेल कसने की पूरी कोशिश कर रही है। गृह वाटिका होम्स प्राइवेट लि. ने भी ग्राहकों को  ठगने की कोई कोर-कसर नहीं छोडा है। परेशान ग्राहकों ने रेरा का दरावाजा खटखटाया. इसके बाद रेरा ने गृह वाटिका के 4 प्रोजेक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी है। कंपनी के डायरेक्टर अनिता कुमारी और मैनेजिंग डायरेक्टर रंजीत कुमार झा की संपत्ति बिक्री पर रोक लगा दी है. रेरा ने पटना, फुलवारी शरीफ, दानापुर और बिहटा के रजिस्ट्रार को संपत्ति के निबंधन रोकने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि वीआईपी रेजिडेंसी, पुष्प वाटिका, कमल कंपलेक्स, उर्मिला वाटिका एवं अन्य प्रोजेक्ट जो ग्रीन वाटिका होम्स द्वारा किए जा रहे हैं उन तमाम प्रोजेक्ट की बिक्री नहीं होगी. रेरा ने कंपनी के अकाउंट के बारे में भी पूरी जानकारी मांगी है. 

गृह वाटिका बिल्डर से परेशान थे लोग

जरा गौर करें...रचना द्विवेदी भी इस बिल्डर से परेशान थी। इस कंपनी ने शिकायतकर्ता का पैसा काफी समय से नहीं लौटा रहा था। कंपनी द्वारा शर्तों का लगातार उलंघन किया जा रहा था। दूसरे शिकायतकर्ता अमजद अली के साथ भी यही हाल किया गया था। अमजद अली और रचना द्विवेदी का लाखो रू बिल्डर वर्षों से नहीं दे रहा था। सिर्फ यही दो  नहीं बल्कि अन्य 3 शिकायतकर्ता का पैसा भी ग्रीन वाटिका होम्स कपंनी के द्वारा सालों से नहीं दिया जा रहा है।

गृह वाटिका के खिलाफ 5 लोगों ने रेरा में दर्ज कराई थी शिकायत

दरअसल रचना द्विवेदी, नवनीत कुमार, तारिक जमील, रविंद्र कुमार सिन्हा, अमजद अली ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि गृह वाटिका होम्स पैसे की वापसी नहीं कर रहे। कंपनी रेरा कानूनों का उलंघन कर रही है। इसके बाद रेरा ने सख्त कार्रवाई की और संपत्ति बिक्री पर रोक लगा दी है। इस केस की अगली सुनवाई इसी महीने की 16 तारीख को होगी . बताया जाता है कि जब ग्रीन वाटिका होम्स कपंनी पर रेरा का डंडा चला और सभी जगहों के प्रोजेक्ट बिक्री पर रोक लगा दी तो होश ठिकाने आये हैं। रेरा के सख्त रूख के बाद कोई विकल्प बचता नहीं देख बिल्डर ने विवश होकर शिकायतकर्ताओँ का पैसा वापस करना शुरू किया है।   

सबसे अधिक शिकायत अग्रणी ग्रुप ऑफ कम्पनीज के

बता दें कि रेरा में बिल्डरों की लगातार शिकायतें मिल रही है। पांच सबसे अधिक शिकायत वाले बिल्डर-प्रमोटरों की बात करें तो पहले नंबर पर अग्रणी ग्रुप ऑफ कम्पनीज है। इसके 51 शिकायत यानी 27.56 फीसदी अकेले इस कंपनी के हैं. वहीं भूतेश कंस्ट्रक्शन के 11 कंप्लेन 5.88 फीसदी,उत्कर्ष इंफ़्रा कंस्ट्रक्शन के 11 5.88 फीसदी,नेश इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के 8 कंप्लेन 4.32 फीसदी और ब्रह्म इंजीनियर एंड डेवलपर्स के 4 यानी 2.13 फीसदी शिकायत मिले हैं.

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