बिहार बोर्ड जब-जब रिजल्ट जारी करता है तब-तब 'प्रोडिकल गर्ल’ रूबी राय और गणेश कुमार की यादें हो जाती है ताजा

बिहार बोर्ड जब-जब रिजल्ट जारी करता है तब-तब 'प्रोडिकल गर्ल’ रूबी राय और गणेश कुमार की यादें हो जाती है ताजा

PATNA : बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी कर दिया है। तीनों संकाय के रिजल्ट में लड़कियों ने बाजी मारी है. साइंस में रोहिणी प्रकाश ने कब्जा जमाया है, वहीं आर्ट्स में रोहिणी रानी टॉपर बनी है। 

बिहार बोर्ड की द्वारा रिजल्ट जारी करने और टॉपर के ना का एलान करते ही रूबी राय-गणेश का नाम जेहन मे आ जाता है।

2016 में रूबी राय नाम की एक लड़की ने पूरी दुनिया में बिहार का नाम बदनाम कर दिया था। वहीं 2017 में गणेश कुमार ने रही–सही कसर पूरी कर दी थी। बिहार बोर्ड जब-जब रिजल्‍ट जारी करता है रूबी राय और गणेश कुमार की याद जरूर ताजा हो जाती है।

प्रॉडिकल गर्ल के नाम से मशहुर हुई थी रूबी राय

2016 में इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट जारी करने के साथ रूबी राय को आर्टस टॉपर बनी थी। रूबी के नाम की चर्चा चारो ओर हो रही थी। सबकुछ ठीक ठाक चल रहा था, लेकिन एक इंटरव्‍यू ने बिहार टॉपर रूबी का सारा खेल बिगाड़ दिया। दरअसल इंटरव्यू के दौरान रूबी राय ने अपने विषय का नाम जैसे ही  पॉलिटिकल साइंस की जगह 'प्रोडिकल साइंस' बताया। बस क्या था उसका एक बयान ही सुर्खियों में आ गया। इतना ही नही रूबी ने यह कह कर बवाल मचा दी कि पॉलिटिकल साइंस में खाना बनाने की पढ़ाई होती है। रूबी राय के  इंटरव्‍यू के बाद तो सिर्फ बिहार ही नहीं पूरे देश में बवाल मच गया। इसके बाद से ही बिहार बोर्ड में एक-एक कर भ्रष्‍टाचार की पोल खुलती चली गई। इसके बाद बिहार टॉपर रूबी राय सहित बिहार बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष और कई अन्य अधिकारी जेल की हवा खाए।  

2017 आर्ट्स का फर्जी टॉपर गणेश कुमार की कहानी

रूबी राय की तरह ही गणेश कुमार 2017 में इंटरमीडिएट आर्ट्स का टॉपर  बन गया। उसने संगीत के माध्यम से टॉपर का रैंक हासिल किया था। तबतक तो सबकुछ ठीक था, लेकिन रूबी राय की तरह वह भी गच्चा खा गया और मीडिया के सवालों मे उलझ कर पूरी दुनिया में बिहार की भद्द पिटवा दी। गणेश कुमार भी रूबी राय की तरह ही एक मीडिया इंटरव्‍यू की वजह से फंस गया और जेल की हवा खा लिया। 

दरअसल जब वह टॉपर बना तो उससे एक इंटरव्यू में शास्त्रीय संगीत की कुछ लाईनें गाने को कहा गया। लेकिन उसनें फिल्मी गीत गाना शुरू कर दिया। गणेश कुमार शारदा सिन्हा के बारे में भी नही बता सका था। बस क्या था इंटरव्यू के पब्लिक डोमेन मे आते ही बवाल मच गया। सिर्फ बिहार ही नही बल्कि पूरे देश मे गणेश की चर्चा होने लगी। बिहार बोर्ड की इज्जत पर एकबार फिर से बट्टा लग गया था। लिहाजा आनन-फानन में जांच बिठाई गई। जांच में गणेश के रिजल्ट को रद्द कर दिया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह खुलासा हुआ कि गणेश कुमार ने उम्र में हेराफेरी कर दोबारा परीक्षा दी थी।  इस फर्जीवाड़े के आरोप में उस पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी और जांच में सामने आया था कि उसने 42 की उम्र में परीक्षा दी थी।

इस तरह से टॉपर रही रूबी राय और गणेश कुमार ने बिहार बोर्ड पर काला धब्बा लगा दिया था।जिसे बिहार बोर्ड को सालो-साल तक सताता रहेगा।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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