इस चिंताजनक स्थिति का कौन जिम्मेदार... बिहार में प्रदूषण से घटा रहा लोगों की आयु, औसत 9 साल कम हो जा रही उम्र

इस चिंताजनक स्थिति का कौन जिम्मेदार... बिहार में प्रदूषण से घटा रहा लोगों की आयु, औसत 9 साल कम हो जा रही उम्र

पटना. बिहार के शहरों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा होना लगातार सुर्खियां बन रहा है. अब एक रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है उसने प्रदूषण की इस चिंता को और ज्यादा बढ़ा दिया है. दरअसल एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार के लोगों की आयु कम हो रही है. और इसकी मुख्य वजह बिहार के फिजा में तेजी से बढ़ता प्रदूषण है. प्रदूषण की स्थिति ऐसी है कि राज्य में लोगों की उम्र भी कम हो जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषण बढने के कारण बिहार के लोगों की औसत उम्र 9 साल कम हो रही है. 

बिहारियों की उम्र में औसत 9 साल की कमी होने का मुख्य कारण वायु प्रदूषण को बताया गया है. यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (एक्यूएलआई) 2022 रिपोर्ट के अनुसार विश्व में वायु प्रदूषण से जीवन प्रत्याशा औसतन 2.2 वर्ष कम हो गई है. लेकिन भारत में जीवन प्रत्याशा विश्व औसत से चार गुना ज्यादा घटी है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में प्रदूषण की वजह से लोगों की उम्र 9 साल से ज्यादा कम हुई है. इतना ही नहीं, इससे भारत में हर साल सवा लाख से ज्यादा बच्चों की मौत हो रही है. 

इसमें कहा गया है कि वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है. यह सिगरेट और शराब जैसे नशा करने से भी ज्यादा खतरनाक है. इसलिए वायु प्रदूषण के कारण हर साल लोगों के स्वास्थ्य पर बड़ा संकट मंडरा रहा है. यहां तक कि यह कई प्रकार की बिमारियों को जन्म देता है. इस कारण लोगों की उम्र भी घट जाती है. यानी कम उम्र में ही वे कई प्रकार की बिमारियों से घिर जाते हैं. नतीजा हुआ है कि लोगों की औसत उम्र 9 साल कम जा रही है.


जहाँ देश के अन्य शहरों में प्रदूषण बढने के पीछे औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण का तेजी से बढ़ता दायरा है वहीं बिहार में बढ़ते प्रदूषण के पीछे अन्य कारण हैं. यहां के कुछ शहरों में वाहनों की बढती संख्या से वायु प्रदूषण बढ़ा है. वहीं ग्रामीण इलाकों में आज भी खाना बनाने के लिए बड़े स्तर पर लकड़ी और कोयला का इस्तेमाल होना, खेतों में पराली जलाना और अपशिष्ट प्रबंधन का बेहतर इंतजाम नहीं होना है. 


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