परामर्शी समिति में कौन-कौन जनप्रतिनिधि होंगे शामिल? पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने दी जानकारी

परामर्शी समिति में कौन-कौन जनप्रतिनिधि होंगे शामिल? पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने दी जानकारी

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। कैबिनेट मीटिंग वर्चुअल माध्यम से हुई। मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। आज की कैबिनेट मीटिंग में 10 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। नीतीश कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में परामर्शी समिति में अध्यक्ष-सदस्य नामित करने वाले प्रस्ताव पर मुहर लगा दी. 

सम्राट चौधरी ने दी जानकारी

बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पंचायत और ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधि पूर्व की तरह काम करेंगे परर इनका पद नाम बदल जाएगा. 16 जून से सभी प्रतिनिधि बतौर परामर्शी समिति अध्यक्ष और सदस्य के रूप में काम करेंगे. इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने परामर्शी समिति के गठन का प्रस्ताव तैयार किया है. मंत्री ने बताया कि 16 जून से मुखिया संबंधित ग्राम पंचायत की परामर्श समिति के अध्यक्ष कहलायेंगे, उप मुखिया उपाध्यक्ष एवं वार्ड सदस्य सदस्य कहे जायेंगे। सरपंच संबंधित ग्राम कचहरी की परामर्श समिति के अध्यक्ष होंगे, उप सरपंच उपाध्यक्ष एवं पंच सदस्य होंगे. पंचायत समिति प्रमुख संबंधित पंचायत समिति की परामर्श समिति के अध्यक्ष कहे जायेंगे, उप प्रमुख उपाध्यक्ष एवं पंचायत समिति सदस्य सदस्य कहे जाएंगे. इसके अलावा पंचायत समिति के सभी कार्य क्षेत्र के विधानसभा, विधानपरिषद, लोकसभा एवं राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य भी समिति के सदस्य होंगे. समिति के कार्य क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों के परामर्शी के अध्यक्ष भी इसके सदस्य होंगे.


वेतन एवं भत्ता भी मिलेगा

जिला परिषद अध्यक्ष संबंधित जिला परिषद की परामर्श समिति के अध्यक्ष होंगे. वहीं उप जिला परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष कहे जाएंगे एवं जिला परिषद के सदस्य समिति के सदस्य होंगे। इसके अलावा जिला परिषद के कार्य क्षेत्र में विधान सभा, विधान परिषद, लोकसभा एवं राज्यसभा के सदस्य परामर्शी समिति के सदस्य होंगे. जिला परिषद के कार्य क्षेत्र के सभी पंचायत समिति के परामर्श समिति के अध्यक्ष भी इसके सदस्य होंगे. कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका प्रखंड विकास पदाधिकारी की होगी. मंत्री ने बताया कि इस दौरान निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के वेतन एवं भत्ता भी मिलेगा. यह व्यवस्था आगामी चुनाव के बाद त्रिस्तरीय पंचायत के गठन तक जारी रहेगी.

 बिहार कैबिनेट के दस बड़े फैसले

बिहार कैबिनेट ने सप्तदश बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र तथा विधान परिषद के 197 वें सत्र के सत्रावसान पर मंत्री परिषद की मंजूरी मिली है. बिहार पुलिस मुख्यालय के दंगा निरोधी वाहनियों को विकसित करने के लिए विभिन्न प्रकार के वाहनों की खऱीद के लिए 36 करोड़ 41 लाख 20 हजार की स्वीकृति दी गई है . कोरोना संक्रमण से मृत व्यक्तियों के आश्रित को ₹400000 अनुग्रह अनुदान की राशि भुगतान के लिए 300 करोड़ रूपए आकस्मिकता निधि से देने का निर्णय लिया गया है. बिहार जिला आयुष चिकित्सा, राज्य आयुष चिकित्सा सेवा पर नियुक्ति एवं सेवा शर्त संशोधन नियमावली 2021 की मंजूरी दी गई है.

दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए कुल 108 एकड़ भूमि के भू अर्जन के लिए 456 करोड़ 50लाख 57 हजार रू की प्रशासनिक स्वीकृति एवं 1.0029 एकड़ भूमि को भी रेलवे से होने वाले एमओयू में समाहित करने पर अनुमोदन प्रदान किया गया है. पटना विश्वविद्यालय के परिसर में गंगा नदी तट पर अवस्थित लॉ कॉलेज घाट पर राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र के निर्माण के लिए बिहार बिल्डिंग बाइलॉज 2014 के उप नियम को शिथिल करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के क्रियान्वयन को लेकर 11 अरब 73 करोड़ 93 लाख ₹8000 की राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम स्वीकृति दी गई है.


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