काहे की शराबबंदी? मौज में मोतिहारी के एक्साइज 'अधीक्षक' से लेकर इंस्पेक्टर-दारोगा, यूपी-हरियाणा से धड़ल्ले से आ रही शराब की खेप और भनक तक नहीं

काहे की शराबबंदी? मौज में मोतिहारी के एक्साइज 'अधीक्षक' से लेकर इंस्पेक्टर-दारोगा, यूपी-हरियाणा से धड़ल्ले से आ रही शराब की खेप और भनक तक नहीं

MOTIHARI: बिहार में काहे की शराबबंदी? हर जगह शराब की भऱमार है। हरियाणा से लेकर दूसरे राज्यों से खुलेआम शराब गांव-गांव पहुंच रही और सुशासन राज के उत्पाद पुलिस व जिला पुलिस को भनक तक नहीं लगती । हरियाणा से उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार में शराब से लदा ट्रक घुस जाता है और एक्साइज पुलिस को अता-पता नहीं चलता। मोतिहारी में उत्पाद पुलिस व चार थानों की पुलिस की पोल खुली है। एक्साइज विभाग के पास सिर्फ शराब के धंधे को बंद करने की जिम्मेदारी है लेकिन वो काम भी नहीं कर रही। सरकार ने उत्पाद विभाग को हथियारबंद सिपाही से लेकर गाड़ी तक की व्यवस्था की है ताकि एनएच व गांव-गांव में पेट्रोलिंग की जा सके। लेकिन मोतिहारी में एक्साईज विभाग के अधीक्षक से लेकर सिपाही तक मौज में हैं। उन्हें शराब सप्लाई की चेन तोड़ने से मतलब नहीं। वे लोग तो अपनी धुन में लीन हैं. 

मोतिहारी उत्पाद पुलिस को शराब रोकने से मतलब नहीं

मोतिहारी उत्पाद विभाग के अधिकारी-कर्मी तो अपनी कमाई में लगे हैं। तभी तो खुल्लम-खुल्ला दूसरे राज्यों से शराब की सप्लाई हो रही। एनएच पर शराब लदा ट्रक 50 किमी की फासला तय कर दूसरे जिले में जा रहा. फिर भी उत्पाद विभाग के अधिकारियों व पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती। हालांकि मुजफ्फरपुर सीमा पर अवस्थित मोतिहारी जिला के मेहसी पुलिस को जब पता चला तो शराब लदे ट्रक UP21CN-5199 का पीछा किया गया। भागने के क्रम में ट्रक पानी भरे खेत में पलट गया और शराब की बोतलें और कार्टून पानी में तैरने लगी। मेहसी पुलिस ने ट्रक व शराब को जब्त कर लिया है। लेकिन इसी के साथ कई बड़े सवाल भी खड़े हो गये हैं। ट्रक  UP नंबर का है। पता चला है कि ट्रक UP से शराब लेकर मुजफ्फरपुर जा रहा था। गाड़ी गोपालगंज के रास्ते एनएच से डुमरियाघाट में मोतिहारी जिला में प्रवेश किया। वहां से वो ट्रक कोटवा,पीपराकोठी,पीपरा,चकिया थाना क्षेत्र होते हुए मेहसी थाना क्षेत्र की सीमा में घुसा। शराब लदा ट्रक सीधे मुजफ्फरपुर की सीमा में प्रवेश करता इसके पहले मेहसी पुलिस को इसकी जानकारी लगी। पुलिस ने पीछा किया तो ड्राइवर गाड़ी को एक गांव की तरफ लेकर भागा, लेकिन कुछ दूरी पर जाने के बाद ट्रक पानी भरे खेत में पलट गया। गाड़ी पलटने के बाद शराबबंदी वाले राज्य में शराब की बोतलें पानी में तैरने लगी। 


मोतिहारी में शराब का धंधा चरम पर

जरा गौर करें...अगर उत्पाद विभाग के अधिकारी और कर्मी सजग होते तो डुमरियाघाट के समीप सीमा पर ही शराब भरा ट्रक पकड़ा जा सकता था। लेकिन उत्पाद पुलिस को इससे मतलब नहीं। डुमरियाघाट के बाद पचास किमी तक कोई जांच या पेट्रोलिंग नहीं की गई। लिहाजा शराब लदा ट्रक आराम से मेहसी तक पहुंच गया। दूसरे राज्यों से जिले में शराब आ रही लेकिन उत्पाद विभाग के अधीक्षक से लेकर इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टर और सिपाही को भनक नहीं लगती। जानकार बताते हैं कि मोतिहारी में शराब का कारोबार खूब फल-फूल रहा। खुलेआम शराब का कारोबार हो रहा। लेकिन उत्पाद पुलिस को इससे कोई मतलब नहीं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि मोतिहारी उत्पाद विभाग के अधीक्षक मुख्यालय में कम ही रहते हैंवे सप्ताह में 2-3 ही मुख्यालय आते हैं। वे छापेमारी में भी न के बराबर जाते हैं।अधीक्षक के मुख्यालय से बाहर रहने की वजह से बाकी के अधिकारी-कर्मी भी मूल काम छोड़ अपना धंधा में लगे होते हैं।मोतिहारी में उत्पाद विभाग के एक कर्मी ने बताया कि यहां शराब जब्ती के बाद शुरू होता है उत्पाद पुलिस का खेल। माफिया का नाम नही उजागर करने के नाम पर दोनों हाथ से माल की वसूली की जाती है। हालांकि एक्साइज पुलिस इस तरह के आरोपों को खारिज करती है। 

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट

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