बिहारी मतदाता आखिर मतदान के दौरान क्यों करते है ऐसा व्यवहार, देश से अलग क्यों दिखता है बिहार का मिजाज, पढ़िए पूरी खबर....

बिहारी मतदाता आखिर मतदान के दौरान क्यों करते है ऐसा व्यवहार, देश से अलग क्यों दिखता है बिहार का मिजाज, पढ़िए पूरी खबर....

NEWS4NATION DESK : यूं तो कहा जाता है बिहार में राजनीतिक चेतना हमेशा शिखर पर होता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में वोटिंग के प्रतिशत का आंकड़ा यह बताने को पर्याप्त है कि बिहारी मतदाता अपने मतदान के अधिकार के प्रति पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं। जबकि चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि वोटर पर चुनाव आयोग 46 रुपये के करीब खर्च करता है। बिहार में पिछले 2 दशक से वोटिंग का प्रतिशत 60 प्रतिशत तक भी नहीं जा पाया है। सिर्फ 1998 में 64.40 फीसदी मतदान हुआ था।

देशवासी जब पहली बार 1951 में मतदान के अधिकार का प्रयोग गर्मजोशी के साथ कर रहे थे तो उस दौरान भी बिहार का मतदान प्रतिशत 40.35 ही रहा। 

पिछले लोकसभा चुनाव में पूरे देश मे 66.44 फिसदी मतदाताओ ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, वहीं बिहार में महज 56.26 फीसदी लोगों ने ही मतदान किया।

अब बड़ा सवाल यह है कि दिन-रात राजनीतिक चर्चा में मशगूल रहने वाले बिहारी भला मतदान के समय अपने इस महत्वपूर्ण एवं प्रभावी अधिकार को क्यों भूल जाते है। इस बार भी चुनाव आयोग के द्वारा मतदाताओं को मतदान के प्रयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। 

अब देखने वाली बात यह होगी इस दफा बिहारी मतदाता क्या अपने ही रिकार्ड को तोड़ पाते हैं या नही।

कौशलेंद्र प्रियदर्शी

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