जमीन अधिग्रहण किये बिना गंगा पुल का बन रहा एप्रोच पथ, आक्रोशित लोगों ने रोका निर्माण कार्य

जमीन अधिग्रहण किये बिना गंगा पुल का बन रहा एप्रोच पथ, आक्रोशित लोगों ने रोका निर्माण कार्य

MUNGER : मुंगेर में गंगा नदी पर बने रेल सह सड़क पुल के एप्रोच पथ निर्माण कार्य पर किसानों के मुआबजे की तलवार लटकती नजर आ रही है. बिहार सरकार ने जनवरी 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वोट बैंक की राजनीति के तहत किसानों को मुआवजा देने की घोषणा तो कर दी. लेकिन घोषणा के छः माह गुजर जाने के बाद किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है. इसी सिलसिले में बुधवार को किसानों ने एप्रोच पथ निर्माण कार्य को रोक दिया.

2018 में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर NHAI के लोगों ने बताया था की गंगा नदी पर बने रेल सह सड़क पुल के एप्रोच पथ निर्माण कार्य के रास्ते हर रुकावट दूर हो गई है. इसे पूरा करने का लक्ष्य 36 माह रखा गया था. लेकिन आज NHAI का यह दावा झूठा नजर आ रहा है. क्योंकि जिला प्रशासन ने किसानों की जमीन को बिना अधिग्रहण के ही उस पर काम शुरू करवा दिया है. इससे किसान काफी उग्र हो गए है और अपने आप को छला सा महसूस कर रहे हैं.

बताया जा रहा है की एप्रोच पथ निर्माण कार्य से लालदरवाजा इलाके में लगभग 120 रैयतों की 9.23एकङ जमीन है. जिससे लगभग 200 परिवारों विस्थापित होंगे. इस जमीन अब सरकार टोपो लैंड कह कर मुआवाज देने से पीछे हट रही है. जबकि वर्ष 2000 में गंगा पुल निर्माण के समय इन्हीं किसानों को जमीन पर बोल्डर रखने की एवज में मुआवजा दे चुकी है. अब यह सवाल उठता है आज अचानक से ये जमीन टोपो लैंड कैसे हो गया.

इस मामले को लेकर सदर अनुमंडलाधिकारी खगेश चंद्र झा ने किसानों से वार्ता कर निपटने की कोशिश की. लेकिन  सब बेकार साबित हुआ. 

मुंगेर से मनीष की रिपोर्ट



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