खुद को बनाया आत्मनिर्भर : ईंट भट्ठे में काम करती थी महिलाएं, जीविका ने खेती से जोड़ा और पूरे जिले के लिए मिसाल बना गई हैं यह महिला समूह

खुद को बनाया आत्मनिर्भर : ईंट भट्ठे में काम करती थी महिलाएं, जीविका ने खेती से जोड़ा और पूरे जिले के लिए मिसाल बना गई हैं यह महिला समूह

BETIA : प.चंपारण के बगहा पुलिस जिला के दुर्गा जीविका समूह की दीदिया जिले में मिसाल कायम कर रही हैं।एकल व मिश्रीत खेती कर आत्मनिर्भर बन रही है।जो हाथ पहले ईंट भट्ठे में काम करते करते बदरंग हो गए थे, वह हाथ आज वैज्ञानिक तरीके से खेती कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है और यह संभव बनाया है सूर्यपूर्व बकिया मे समग्र शिक्षण संस्था के पर्ल परीयोजना ने।बगहा पुलिस जिला के चौबारीया बसवारीया , सूर्य पूर्व बकिया , हरदी नादवा पटीलार कोलूहवा चौतरवा मे 12-12 महिलाओ का दुर्गा जीविका समूह गन्ना के साथ मटर का खेती व जीरो टीलेज से गेहू का बुआई कर कम लागत मे अच्छा फसल का उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन रही है।

इस संबंध मे गन्ना के साथ मटर की खेती कर रही महिला किसान दुर्गा समूह की जीविका दीदी ललिता देवी ने कहना है कि हमलोग लीज पर गन्ना का खेत लेकर मटर का खेती किए हैं।इससे खेती से हमे अच्छा मुनाफा हुआ है।इस साल अभी तक हमलोग 20 क्विंटल से अधिक मटर बेच चुके हैं। इसमे हमलोगो को अच्छा मुनाफा हुआ है।इसमे जिनका खेत है उन्हे आधा मटर देकर भी अभी तक 20 क्विंटल मटर बेच चुके है।अब और ज्यादा खेत लीज पर लेकर अन्य सब्जी का खेती भी करेंगे। ललिता देवी का कहना है कि पहले हम सभी महिला अपने बाल बच्चो के साथ ईंट भता पर काम करते थे बहुत मेहनत होता था पर मुनाफा ज्यादा नही होता था अब हमलोगो को फायदा है।

वहीं जीरो टीलेज से वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रही जीविका दीदी अनार देवी और बुनना देवी ने बताया कि पहले हमलोग पुराने तरीके से गेहूं की खेती कराते थे तो लागत भी ज्यादा लगता था। अब जीरो टीलेज से गेहूं की खेती करने पर लागत भी कम लगता है और फसल देख ही रहे हैं। एक ही खेत मे एक तरफ पुराने विधी से गेहू की बुआई की गई है। दूसरे तरफ जीरो टीलेज से दोनों मे काफी अंतर है पैदावार भी ज्यादा हो रहा है।

वही इस संबंध मे पर्ल परीयोजना के प्रोजेक्ट कोओर्डिनेटर अनिरुद्ध महतो ने बताया की पहले यहां कि महिलाएं ईंट भट्टों मे काम करती थी जिससे इनकी स्थिति  काफी दयनीय थी तो इन्हे ग्रुप बना पहले मिश्रीत खेती करना बताया गया आज यह लीज पर जमीन लेकर गन्ना के खेत मे मटर का खेती की और अच्छा उन्हे मुनाफा हुआ।अब यह और अधिक खेत लीज पर लेकर खेती करना चाहती है।

वहीं इस संबंध मे इस संस्था के लाइजनर अनिल लुकस ने बताया कि इन महिलाओ को खेती के साथ बकरी पालन करना भी बताया गया और आज यह बकरी पालन के साथ ही मिश्रीत खेती वैज्ञानिक तरीके से जीरो टीलेज से गेहूं की बुआई आपने पुराने पद्धति को छोड़कर रही है और कम लागत मे अपनी आमदनी दुगुनी कर प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने मे लगी है।

बगहा अनुमंडल पदाधिकारी दीपक मिश्रा ने इन दलित महिलाओं के जीविका समूह के लगन को देख काफी प्रभावित हुए और इन्हे वह हर संभव सहायता देने के लिए भी उत्सुक होते हुए बताए कि जीविका दीदी द्वारा वाहा मटर की खेती की जा रही है और वहां काफी अच्छा उत्पादन हुआ है। जल्द ही उन्हे आत्मा से उन्हे जोड़ा जाएगा ताकि वह और अच्छा कर सके।

REPORTED BY ASHISH

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