विश्व क्रिकेट में तहलका मचाने को बेताब है ये होनहार खिलाड़ी, नाम है इसका हनुमा विहारी

विश्व क्रिकेट में तहलका मचाने को बेताब है ये होनहार खिलाड़ी, नाम है इसका हनुमा विहारी

N4N DESK: हनुमा विहारी, एक ऐसा नाम जिसने बीते कुछ सीजन से घरेलू सर्किट में तहलका मचा रखा है। एक ऐसा नाम, जिसने आईपीएल 2018 में नीलाम नहीं होने के बावजूद भी भारतीय चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया। एक ऐसा नाम, जिसने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बेहतरीन बैटिंग औसत की वजह से विश्व के दिग्गज क्रिकेटर्स के बीच विशिष्ट क्लब में जगह बनायी है। जी हां, इंग्लैंड टूर पर शेष बचे दो टेस्ट मैच के लिए पृथ्वी शॉ के साथ टीम इंडिया में सेलेक्ट हुए हनुमा विहारी का घरेलू क्रिकेट में अलग ही रूतबा है। 

पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ और वेरी-वेरी स्पेशल लक्ष्मण की बैटिंग स्टाइल के मुरीद हनुमा विहारी अपनी ठोस और सधी हुई पारियों की वजह से घरेलू क्रिकेट में इनदिनों चर्चा में हैं। हैदराबाद के वीवीएस लक्ष्मण की बैटिंग से प्रभावित हनुमा विहारी की माने तो वे वेरी-वेरी स्पेशल की तरह ही वर्ल्ड क्रिकेट की क्षितिज पर चमकना चाहते हैं। 24 वर्षीय इस नौजवान खिलाड़ी की माने तो लक्ष्मण के साथ हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए काफी कुछ सीखने को मिला है। उनके हर टिप्स काफी मायने रखते हैं। हनुमा विहारी के मुताबिक आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम से खेलते वक्त भी वीवीएस उनपर खास नज़र रखते थे और हरवक्त मदद को तैयार रहते थे। वहीं, मिस्टर कूल की दिल से तारीफ़ करते हुए वे कहते हैं कि खेल के हर पहलू पर राहुल सर ने गौर करना सिखाया है। दक्षिण अफ्रीकी दौरे के दौरान राहुल द्रविड़ ने बैटिंग को लेकर जो टिप्स दी थी, वो काफी काम आयी।

विशिष्ट क्लब में हनुमा विहारी

साल 2016 में हैदराबाद रणजी टीम को छोड़कर आंध्रप्रदेश का दामन थामने वाले हनुमा विहारी का फर्स्ट क्लास क्रिकेट रिकॉर्ड देख दिग्गज भी चौंक जाते हैं। विहारी ने 63 फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए 59.75 की औसत से कुल 5142 रन ठोके हैं। इनमें कुल 15 शतक और 24 अर्धशतक भी शामिल हैं। आंध्रप्रदेश के इस होनहार बैट्समैन का रिकॉर्ड वर्ल्ड के दिग्गज खिलाड़ियों पर भारी है। वे बैटिंग औसत के मामले में अव्वल है। विश्व क्रिकेट की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ भी उनसे पीछे हैं। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान की बैटिंग औसत 57.27 है लिहाजा अपनी उम्दा बल्लेबाजी की बदौलत वे वर्ल्ड क्रिकेट के विशिष्ट क्लब में स्थान बना चुके हैं।

विदेशी दौरे पर किया प्रभावित

क्रिकेट समीक्षकों की माने तो टेस्ट टीम में हनुमा विहारी के चयन के पीछे बड़ी वजह उनका उम्दा प्रदर्शन है। भारतीय चयनकर्ताओं की निगाह पर वे उसवक्त चढ़े, जब उन्होंने सीमित ओवर क्रिकेट के साथ-साथ चार दिनी मुक़ाबलों में भी अपनी बैटिंग की छाप छोड़ी। जून 2018 का वाकया है, जब उन्होंने इंडिया ‘ए’ की तरफ से इंग्लैंड का टूर किया और जबरदस्त बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया। इंग्लैंड दौरे पर 50 ओवर क्रिकेट में मिले मौके को भुनाते हुए हनुमा विहारी ने जबरदस्त बल्लेबाजी की और सर्वाधिक रन बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने वेस्टइंडीज ‘ए’ और इंग्लैंड ‘ए’ के ख़िलाफ़ खेलते हुए तीन पारियों में कुल 253 रन ठोक डाले थे। इनमें वेस्टइंडीज ‘ ए‘ के ख़िलाफ़ खेली गयी 147 रनों की बेहतरीन पारी भी शामिल है। 

यही नहीं, हाल में ही दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के ख़िलाफ़ बेंगलुरु में खेले गये चार दिनी मुक़ाबले में भी हनुमा विहारी ने अपना रंग दिखाया और मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए 148 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। फिलहाल अंत के पांच फर्स्ट क्लास पारियों में आंध्रप्रदेश के इस बल्लेबाज ने एक शतक और दो अर्धशतक ठोके हैं।

घरेलू सर्किट में भी मचा रखी है धूम

पिछले रणजी ट्राफी सीजन के छह मैचों में हनुमा विहारी ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 94 की औसत से कुल 752 रन बनाये थे। इनमे ओडिशा के ख़िलाफ़ खेली गयी 302 रनों की उम्दा पारी भी शामिल है। यही नहीं, इरानी ट्राफी में भी विदर्भ की पेस बैटरी उमेश यादव और रजनीश गुरबानी जैसे गेंदबाजों के ख़िलाफ़ अनुशासित और सधी हुई बल्लेबाजी करते हुए हनुमा विहारी ने शेष भारत एकादश की तरफ से 183 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर विरोधियों के साथ-साथ चयनकर्ताओं को भी भौंचक्का कर दिया था। इस पारी की खासियत ये थी कि उन्होंने लोअर ऑर्डर बैट्समैन जयंत यादव के साथ भी तारतम्य बैठाते हुए सातवें विकेट के लिए 216 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर टीम को मुश्किल दौर से बाहर निकाला था।    

U-19 और इंडिया ‘ए’ टीम के बॉलिंग कोच सनथ कुमार की माने तो “पिछले दो सालों में हनुमा विहारी ने अपने गेम को काफी इंप्रूव किया है। ‘स्क्वॉयर ऑफ द विकेट’ काफी उम्दा बल्लेबाजी करने वाले हनुमा विहारी के तरकश में अब काफी सारे तीर हैं। वे अब गेंद की मेरिट पर खेलते हुए ढेर सारे रन बनाने में माहिर हो गये हैं।“ सनथ कुमार के मुताबिक साल 2017-18 के घरेलू सीजन से पूर्व इस बैकफुट प्लेयर ने अपनी बैट स्विंग पर काफी हार्डवर्क किया। अब वह मुश्किल हालात में भी धैर्य के साथ बॉडी के काफी क़रीब और स्ट्रेट खेलते हैं। अब ये हनुमा विहारी का प्लस प्वाइंट हो गया है, जिसकी वजह से वे ढेर सारे रन बनाने में कामयाब हो रहे हैं। उनके स्ट्राइक रेट में भी जबरदस्त सुधार हुआ है। 

19 साल बाद आंध्रप्रदेश करेगा प्रतिनिधित्व 

विदित है कि लगभग 19 साल बाद टीम इंडिया में कोई खिलाड़ी आंध्रप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा। इससे पूर्व मौजूदा भारतीय सेलेक्शन कमिटी के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज सितंबर 1999 में न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ टीम इंडिया में एंट्री मारी थी। फिलहाल इस होनहार बल्लेबाज से हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी को काफी उम्मीदें हैं और ऐसा माना जा रहा है कि मध्यक्रम में धांसू बैटिंग करते हुए विश्व क्रिकेट में हनुमा विहारी एक अलग पहचान बनाएंगे। 

रिकॉर्डबुक में बल्लेबाज हनुमा विहारी

फर्स्ट क्लास: 63 मैच में 59.79 की औसत से कुल 5142 रन, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन- नाबाद 302 रन

लिस्ट ‘ए’ : 56 मैच में 47.25 की औसत से 2268 रन, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन- 169 रन

टी-20 : 65 मैचों में 111.12 की औसत से कुल 1219 रन, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन – 81 रन

गेंदबाजी में रिकॉर्ड (दायें हाथ के ऑफ ब्रेक बॉलर)

फर्स्ट क्लास:  63 मैचों में कुल 19 विकेट, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन – 17 रन देकर 3 विकेट

लिस्ट ए : 56 मैच में कुल 12 विकेट, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन- 18 रन देकर 2 विकेट

टी-20 : 65 मैचों में कुल 21 विकेट, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: 21 रन देकर 3 विकेट 


साभार: प्रसून, पत्रकार

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