वाह बिहार पुलिस ! न शिकायत, न कोई FIR, फिर भी तीन दिन तक टीबी के मरीज को थाने में पीट-पीटकर कर दिया अधमरा

वाह बिहार पुलिस ! न शिकायत, न कोई FIR, फिर भी तीन दिन तक टीबी के मरीज को थाने में पीट-पीटकर कर दिया अधमरा

KAIMUR : कैमूर से बड़ी खबर आ रही है जहाँ टीबी से ग्रसित एक सब्जी बिक्रेता को थाने लाकर तीन दिन तक पुलिस पिटाई करती रही। युवक की तबतक पिटाई की गई, जब तक कि उसकी हालत खराब नहीं हो गई। पिटाई से तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अधमरे हालत में वापस घर पर छोड़ दिया गया। बड़ी बात यह है कि युवक के खिलाफ न तो कोई शिकायत हुई थी, न ही कोई प्राथमिकी दर्ज कराई गई, फिर भी शक के आधार पर पुलिस उसे थाने लेकर आई थी। पुलिस की पिटाई से बुरी तरह से चोटिल युवक ने इस पूरे घटना की शिकायत डीआईजी से की है।

पिटाई का यह मामला जिले के सीमा पर स्थित दुर्गावती थाने से जुड़ा है। बताया जाता है कि थाने में एक साइकिल चोरी का मामला आया था। जिसमें पुलिस सीसीटीवी फुटेज में खंगाल रही थी। इसी फुटेज में दुर्गावती बाजार से सब्जी बेचकर वापस घर जा रहे फिरोज फारुकी नजर आ गया। पुलिस ने यह मान लिया कि फिरोज ने ही साइकिल की चोरी की है। फिर क्या था दुर्गावती पुलिस को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिल गया और वह सब्जी बेचनेवाले युवक को पकड़कर थाने ले आए।


तीन दिन तक जुर्म कबूलवाने के लिए करते रहे पिटाई

चूंकि पुलिस का यह मानना थी कि साइकिल फिरोज ने ही चुराई है। उसे गुनाह कबूल कराने के लिए पुलिस ने पिटाई का रास्ता अपना लिया। तीन दिन तक वह फिरोज की थाने में पिटाई करते रहे। यह पिटाई तब तक जारी रही जब तक की युवक की हालत खराब नहीं हो गई। इससे पहले कि थाने में हुई पिटाई से युवक के साथ कोई हादसा हो जाता, पुलिस ने अपनी जान बचाने के लिए उसे अधमरी हालत में वापस घर पर छोड़ दिया। 

टीबी का मरीज है युवक

पीड़ित फिरोज फारूकी का कहना था कि जिस मोहल्ले में मैं रहा हूं उसी मोहल्ले में तीन दिन पहले साईकल की चोरी हो गई,उसी देर शाम को  मैं सब्जी बेच कर घर जा रहा था ,जब सुबह हुई तो पुलिस साईकल चोरी के मामले में पूछताछ के नाम पर थाने ले गई जहाँ बांध कर तीन दिन तक पुलिस पिटाई करती रही,बहुत हाथ जोड़ा, पाव पड़ा पर किसी ने कोई रहम नहीं कि जानवरों जैसीं पिटाई करते रहे। मैंने बताया कि हम टीबी के मरीज है उसके बाद भी पिटाई होती रही। उसने बताया कि पिटाई का साफ निशान है,हाथ से लेकर पीठ तक,ऐसे थानाध्यक्ष को निलंबित किया जाए जिससे कोई पुलिस वाला किसी के साथ ऐसी बर्बता नहीं करे।

दुर्गावती थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह पुलिस नहीं गुंडा है

सावठ पंचायत के मुखिया गुड्डू सिंह बताते है कि मैं यहाँ का मुखिया होने के नाते जब हमे खबर मिली कि फिरोज को पुलिस साइकिल चोरी के आरोप में थाने ले गई है जहां उसकी पिटाई कर रही है जब थाने पहुँच कर थानेदार से बात किया कि साहब फिरोज ऐसा व्यक्ति नहीं है यह गरीब लाचार है तो थानेदार ने हमे भी हाजत में बंद करने की धमकी दे डाली ,तुम तकार कर भगा दिया ,हम कैमूर एसपी से मांग करते है कि ऐसे दबंग ,गुंडा जैसा व्यवहार करने वाले थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित किया जाए नहीं तो दुर्गावती में आंदोलन करेंगे.

क्या बोले दुर्गावती थानाध्यक्ष

दुर्गावती थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने अपने ऊपर लगे सारे आरोप को खारिज करते हुए बताया कि मुखिया राजनीत कर रहे है किसी को पिटाई नहीं किया गया.

अब सवाल है कि साईकल चोरी का मामला थाने में दर्ज क्यो नहीं किए बिना दर्ज मामले में फिरोज को तीन दिन तक पिटाई पुलिस क्यों करती रहीं।  फिरोज आरोपी था तो जेल भेजा जाता न  कि तीन दिन तक थाने में बांध कर पिटाई किया जाए। एक तरफ बिहार सरकार पुलिस पब्लिक मैत्री सम्बब्ध बनाने के लिए जागरुकता अभियान चलाती है तो वहीं कैमूर पुलिस की पब्लिक के साथ बर्बरता की तस्वीर आई है,अब देखना होगा कि दुर्गावती थाना प्रभारी पर गाज गिरती है मामला फाइल में सिमट कर रह जाती है।


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