यहां सोने के उस्तरे से होती है शेविंग, इस का चेहरे पर स्पर्श अलग ही एहसास कराता है

यहां सोने के उस्तरे से होती है शेविंग, इस का चेहरे पर स्पर्श अलग ही एहसास कराता है

डेस्क..कोरोना ने जहां कई लोगों को बेरोजगार कर दिया वहीं कारोबार की रफ्तार भी थम गई. इस दौरान ऐसी कई कहानियां भी सामने आईं जब  लोगों ने नए सिरे से शुरुआत की और कामयाबी की नई इबारत लिखी. ऐसी ही एक कहानी है पुणे से सटे देहूगांव में सैलून चलाने वाले अविनाश बोरूंदिया और विक्की वाघमारे की.  लॉकडाउन में कई महीने तक दुकानें बंद रहने की वजह से अविनाश और विक्की के सैलून पर भी ताला लटका रहा. अनलॉक के कई चरणों के बाद सैलून खोलने की इजाजत मिली लेकिन कस्टमर्स का टोटा फिर भी बना रहा. लेकिन इन्होंने ऐसी ट्रिक निकली कि अब इनकी दुकान पर ग्राहकों की लाइन लगी रहती है. जी हां ये अब सोने के उस्तरे (रेजर) से लोगों की शेविंग करते हैं. 

अविनाश ने आजतक को बताया, "कोरोना की वजह से कारोबार पर बड़ा संकट आया हुआ था. यह पूरी तरह चौपट हो गया था. सरकार की ओर से "अनलॉक" में ढील दिए जाने के बाद जब बाजार खुले तो उम्मीद थी कि कारोबार जल्दी ही पटरी पर आ जाएगा. लेकिन उलटा हुआ. कस्टमर्स कोरोना संक्रमण के डर से आने से डरते रहे.” दो महीने पहले अविनाश और विक्की ने अपने सैलून रूबाब को रीलॉन्च किया. उसी वक्त उन्होंने सोचा कि उनके सैलून में क्या ऐसी खासियत हो जो और सैलून से इसे अलग करे और कस्टमर्स वहां आना पसंद करें.  दोनों ने स्टडी से पता लगाया कि पुणे के लोगों को सोने से बहुत लगाव है. फिर उन्हें आइडिया आया कि क्यों न सोने का उस्तरा (रेजर) बनवाया जाए और उससे सैलून में कस्टमर्स की शेविंग की जाए. 

अविनाश और विक्की ने चार लाख रुपए में 8 तोले सोने का रेजर बनवाया. आइडिया क्लिक कर गया और पिछले दो महीने में उनके कस्टमर्स की संख्या काफी बढ़ गई है.   हालांकि सोने का उस्तरा बनवाना भी इनके लिए आसान नहीं रहा. अविनाश और विक्की पुणे और पिंपरी इलाके में कई सुनारों के पास सोने का उस्तरा बनवाने के लिए गए लेकिन कोई इसके लिए तैयार नहीं हुआ. एक बड़े सुनार ने तो ये तक कह दिया कि मजाक करने के लिए और कोई नहीं मिला क्या.   अविनाश और विक्की को आखिर पिंपरी इलाके में एक सुनार मिल गया जो 18 कैरेट सोने का उस्तरा बना कर देने के लिए तैयार हो गया. सोने का उस्तरा सैलून में आने के बाद से यहां शेविंग के लिए आने वाले कस्टमर्स की संख्या काफी बढ़ गई है. 

31 साल के सागर पटवा इसी सैलून में सोने के उस्तरे से शेविंग कराना पसंद करते हैं. सागर का कहना है कि सोने के उस्तरे का चेहरे पर स्पर्श अलग ही एहसास कराता है. सागर के मुताबिक उनके सारे दोस्त भी सोने के उस्तरे से ही शेविंग कराना पसंद करते हैं. सोने के उस्तरे से शेविंग कराने पर यहां कस्टमर को 100 रुपए का भुगतान करना होता है. अगर कोई नॉर्मल उस्तरे से शेविंग कराना चाहे तो उसे 70 रुपए ही देने होते हैं. अविनाश और विक्की ने सोने के उस्तरे की हिफाजत के लिए सैलून में खास लॉकर का भी इंतजाम किया है. सोने के उस्तरे से शेविंग की डिमांड बढ़ती देख अविनाश और विक्की ने आने वाले दिनों में तीन और सोने के उस्तरे बनवाने का फैसला किया है. अब तो शेव करवा कर की ही पता चलेगा कैसा फील होता है.

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