सुलेशन का नशा कर बांसुरी बजा रहा था युवक, दोस्तों को होने लगी थी चिढ़, कर दी बेरहमी से हत्या, मौत के एक सप्ताह बाद पुलिस ने किया खुलासा

सुलेशन का नशा कर बांसुरी बजा रहा था युवक, दोस्तों को होने लगी थी चिढ़, कर दी बेरहमी से हत्या, मौत के एक सप्ताह बाद पुलिस ने किया खुलासा

KATIHAR : कटिहार पुलिस ने बहुचर्चित शिताबुल हत्याकांड को सुलझा लिया है, पुलिस ने इस मामले में शिताबुल के दोनो दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है जिन दोनो मिलकर 'दोस्ती में कुश्ती' की वजह से इस हत्याकांड को साजिश रच कर अंजाम दिया था, पुलिस इस हत्याकांड के तह तक पहुंचते हुए उस फोपी(बांसुरी) को भी बरामद कर लिया है जो मृतक शीताबुल द्वारा मरने से पहले बजाने के कारण विवाद गहरा हो गया था, क्या है हत्याकांड की पूरी बजह और कैसे हुआ इसका खुलासा... 

तारीख 27 अक्टूबर सुबह 8:00 बजे कटिहार के कोढ़ा थाना को सूचना मिला कि खेरिया शेखटोला के पास बांसबारी में एक अज्ञात शव फेका हुआ है, पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों की पहचान के आधार पर शव कि पहचान 21 वर्षीय मोहम्मद शिताबुल के रूप कर लिया, पुलिस ने शव की बरामदगी करते हुए मृतक के पिता मोहम्मद अलीम के साथ तीन पनिया गांव के ही रहने वाले कुछ लोगों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम करवाते हुए आगे की प्रक्रिया में जुट गया लेकिन अब तक हत्या की वजह और हत्यारा कौन है साफ नहीं होने से पुलिस के ऊपर लगातार अपराधियों की गिरफ्तारी के दबाव बना हुआ था, स्थानीय लोग भी इस मामले पर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग लगातार कर रहे थे ऐसे में पुलिस महज कुछ ही दिनों में जब इस हत्याकांड का खुलासा किया तो जो खुलासा हुआ वह बेहद चौंकाने वाला है।

पुलिस के माने तो प्रारंभिक स्तर पर एक अज्ञात शव से हत्यारे तक पहुंचने में पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और अपने सोर्सेस का सहारा लेते हुए, कटिहार के चर्चित हत्याकांड गुत्थी को सुलझाया है, इस हत्याकांड के बजह के बारे में खुलासा करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर जो बातें सामने आई है उसमें मृतक शिताबुल के दो दोस्त मिथुन और विकास ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है और इस हत्याकांड की वजह कुछ अब तक 'दोस्ती में कुश्ती' ही है, घटना के बारे में पूरा खुलासा करते हुए डीएसपी ओम प्रकाश ने कहा कि शिताबुल अपने एक चचेरे भाई और अपने दो मित्र मिथुन और विकास के साथ घटना के पहले रात में यानी 26 अक्टूबर को रामपुर मेला देखने गया था

वहीं पर चारों ने मिलकर एक मोटरसाइकिल चुराया था फिर चोरी के मोटरसाइकिल के साथ चारो खेरिया पहुंचा जहां शीताबुल के निर्देश पर उसके भाई मोहम्मद शमीम चोरी की मोटरसाइकिल के साथ घर चला गया है फिर मिथुन, विकास और मृतक शिताबुल जाकर खेरिया ईट भट्टे के पास सुलेशन वाला नशा किया, इस दौरान कुछ ही दिन पहले मिथुन के मामा महिपाल रविदास से  शिताबुल द्वारा मोबाइल छीन लेने की घटना को याद करते हुए मिथुन और शिताबुल आपस में उलझने लगे मामला किसी तरह शांत होता इससे पहले ही मेला से खरीद कर लाए गए एक फोपी (बांसुरी) बार-बार तेज आवाज से बजाने से मिथुन शिताबुल पर भड़क गया। 

घटना के समय साथ मौजूद विकास के माने तो शिताबुल को शक हो चुका था कि मिथुन उसकी हत्या कर सकता है इसीलिए डर के वजह से वह बार-बार बांसुरी बजा कर लोगों को जमा करना चाह रहा था मगर मिथुन गुस्से में आकर बांसुरी छीन कर गड्ढे में फेंक दिया और जब शिताबुल बांसुरी लाने गया  तो पीछे से जाकर गर्दन दबाते हुए उसे गड्ढे के कदो में दावा दिया फिर विकास को बुलाकर विकास के सहयोग से गला दबाकर शिताबुल के हत्या कर दिया,फिर दोनो मृतक के मोटरसाइकिल को घटनास्थल से दूर फेंकते हुए उसके हाथ के ब्रेसलेट,चेन,मोबाइल लेकर फरार हो गया मगर पुलिस इस हत्याकांड को समझाते हुए घटना में शामिल दोनों अपराधी को गिरफ्तार करते हुए सभी सामान को बरामद करते हुए इस हत्याकांड को सुलझा लिया है।

घटना के उद्भेदन के मामले में इन दिनों कटिहार पुलिस की स्ट्राइक रेट बेहद शानदार है लेकिन जिस तरह से हाल के दिनों में कटिहार में अपराध की वारदात बरी  है उसको रोकथाम के लिए भी कुछ बेहतर प्रयास होना चाहिए ताकि अपराध से पहले ही अपराध की घटना पर अंकुश लग सके।

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