पटना में युवक पिटाई मामले में दीघा थाना के 4 पुलिसकर्मी निलंबित, SP ने जांच में पाया दोषी

पटना में युवक पिटाई मामले में दीघा थाना के 4 पुलिसकर्मी निलंबित, SP ने जांच में पाया दोषी

PATNA : दीघा में युवक पिटाई मामले को पुलिस के आलाधिकारियों ने गंभीरता से लिया था और तुरंत जांच का आदेश दिया। सिटी एसपी अमरकेश डी ने जांच में एक दारोगा और 3 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है। उमेश प्रसाद सिंह, राजू कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इनलोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चलेगी। 

हालांकि यह सवाल भी उठ रहा है कि थानेदार को इस मामले में क्यों छूट दी गयी ? क्या उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी ? अक्सर देखा गया है कि ज्यादातर मामलों में पुलिस के छोटे अधिकारियों पर ही कार्रवाई होती है और बड़े अधिकारी साफ बच निकलते हैं। 

विवादित मकान में काम को लेकर मामला बढ़ा

बता दें कि 30 अगस्त की दोपहर साढ़े बारह बजे दीघा थाना क्षेत्र के निराला नगर के समीप एक विवादित भूखंड पर बने मकान में बिजली का काम चल रहा था। मौके से पुलिस ने ठीकेदार के भाई धीरज को उठा लिया और थाने ले जाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। शरीर के कई जगहों पर पिटाई के दाग अब भी मौजूद हैं। 

मकान मालिक पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

रात नौ बजे उसे थाने से पुलिस ने 20 हजार रुपये लेकर छोड़ा। बिजली मिस्त्री का इस संबंध में कहना था कि उसकी जानकारी में नहीं था कि जिस मकान में वो काम कर रहा है, वो विवादित है। उसे तो मकान मालिक ने काम करने के लिए बुलाया था। कार्रवाई मकान मालिक पर होनी चाहिए थी।

घूस का वीडियो बनाने पर पुलिस ने की पिटाई

दरअसल, धीरज का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने एएसआई उमेश सिंह का रिश्वत लेते हुए वीडियो बना लिया था। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी थी। थाने में पांच-सात पुलिसवालों ने मिलकर उसे पीटा। साथ ही उसके मोबाइल से सारी रिकॉर्डिंग भी मिटा दी। उसे फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी, लेकिन रुपये लेने के बाद उसे छोड़ा गया।  

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