Cristiano Ronaldo retirement: क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने का ऐलान, 23 साल का सफर होगा खत्म

Cristiano Ronaldo retirement: क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 5 नवंबर 2026 को पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने का ऐलान किया। 23 साल के करियर में उन्होंने 234 मैच खेले और 146 गोल किए।

Cristiano Ronaldo retirement

Cristiano Ronaldo retirement: फुटबॉल जगत के दिग्गज खिलाड़ी और पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गुरुवार, 5 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। रोनाल्डो नवंबर के अंतरराष्ट्रीय मैचों के बाद पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से विदाई लेंगे। इसके साथ ही उनका 23 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो जाएगा।


41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने संदेश में कहा कि अब पुर्तगाल की नंबर 7 जर्सी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इस जर्सी को पहनना उनके लिए सम्मान के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी रही है।


'अब नंबर 7 जर्सी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय'


रोनाल्डो ने वीडियो में कहा, "पुर्तगाल के लोगों के लिए, हमारी राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी को वापस लौटाने का दिन आ गया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह सिर्फ मेरी होगी। लेकिन 23 सालों तक मुझे इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली। आज इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का वक्त आ गया है। यह कोई आसान फैसला नहीं था।"


उन्होंने आगे कहा कि कुछ फैसले केवल दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से भी लिए जाते हैं। अगस्त 2003 में शुरू हुआ उनका सफर अब अपने अंत की ओर है। रोनाल्डो ने कहा कि जब वह राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए पलों को याद करते हैं, तो उन्हें सिर्फ मैच, गोल, रिकॉर्ड और ट्रॉफियां याद नहीं आतीं, बल्कि उन लोगों की याद आती है जो हर कदम पर उनके साथ रहे।


'फुटबॉल सिर्फ एक खेल से कहीं बढ़कर है'


रोनाल्डो ने अपने संदेश में पुर्तगाल के समर्थकों और उन लोगों का भी जिक्र किया, जिनके लिए उनका खेलना खास मायने रखता था। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले पुर्तगाली लोगों को उनके मैचों से अपने देश के करीब होने का एहसास मिलता था। उन्होंने कहा, "मैं उन लोगों को देखता हूं, जिन्हें 90 मिनट के लिए पुर्तगाल थोड़ा और करीब लगा। मैं लाखों पुर्तगाली लोगों को देखता हूं, जिनसे मैं कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला, लेकिन जो मेरी जिंदगी का हिस्सा रहे हैं। आखिरकार, फुटबॉल महज एक खेल से कहीं बढ़कर है। फुटबॉल का मतलब ही लोग हैं।"


'मैंने इस जर्सी के लिए अपना सब कुछ दिया'


रोनाल्डो ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ अपने पूरे करियर में उन्होंने हमेशा अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की कोशिश की। उनका लक्ष्य जीतना, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और पुर्तगाल के लिए इतिहास बनाना था। उन्होंने कहा, "मैं जीतना चाहता था, मैं सबसे बेहतरीन बनना चाहता था, मैं इतिहास रचना चाहता था। मैं हमेशा खुद से बहुत उम्मीदें रखता था। मुझे हमेशा और अधिक चाहिए होता था और मुझे विश्वास था कि हम और आगे जा सकते हैं। मैंने इस जर्सी के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया।"


उन्होंने अपने करियर की अच्छी और मुश्किल यादों को भी साझा किया। रोनाल्डो के मुताबिक, उन्होंने कई शानदार जीत देखीं, लेकिन कुछ हार ऐसी भी रहीं जिन्हें याद करके आज भी तकलीफ होती है। इसके बावजूद पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए हमेशा गर्व की बात रहा।


ऐसा रहा रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर


क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 20 अगस्त 2003 को कजाकिस्तान के खिलाफ पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में डेब्यू किया था। उन्होंने अब तक राष्ट्रीय टीम के लिए 234 मैच खेले और 146 गोल किए। पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। रोनाल्डो ने 2004 में ग्रीस के खिलाफ यूरोपीय चैंपियनशिप में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया था। उन्होंने 2016 में पुर्तगाल को पहली बार यूरो कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में UEFA नेशंस लीग का खिताब भी जीता।


रोनाल्डो ने छह विश्व कप में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, वह अपने करियर में फीफा विश्व कप का खिताब नहीं जीत सके। इसके बावजूद उनके नाम अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं। नवंबर के अंतरराष्ट्रीय मैचों के बाद रोनाल्डो पुर्तगाल की जर्सी में नजर नहीं आएंगे। उनके संन्यास के साथ ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के एक लंबे और यादगार दौर का अंत हो जाएगा।