UGC नियमों पर BJP में बड़ी बगावत: लखनऊ में 11 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, बोले- बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं

‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को प्रोत्साहित करने के नियम-2026’ ने उत्तर प्रदेश भाजपा के भीतर एक बड़ा सियासी संकट खड़ा कर दिया है। लखनऊ की बीकेटी विधानसभा सीट के अंतर्गत कुम्हरावां मंडल के 11 पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।

UGC नियमों पर BJP में बड़ी बगावत: लखनऊ में 11 पदाधिकारियों न

Lucknow - : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को प्रोत्साहित करने के नियम-2026’ ने उत्तर प्रदेश भाजपा के भीतर एक बड़ा सियासी संकट खड़ा कर दिया है। लखनऊ की बीकेटी विधानसभा सीट के अंतर्गत कुम्हरावां मंडल के 11 पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के इस कानून को जनविरोधी बताते हुए सामूहिक रूप से अपने पदों और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पदाधिकारियों का आरोप है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और यह नया कानून छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। 

बीकेटी विधानसभा में मची राजनीतिक खलबली

लखनऊ के बीकेटी विधानसभा क्षेत्र, जहाँ से योगेश शुक्ला वर्तमान भाजपा विधायक हैं, वहाँ संगठन के भीतर बड़ी दरार सामने आई है। कुम्हरावां मंडल के महामंत्री अंकित तिवारी और मंडल मंत्री महावीर सिंह के नेतृत्व में कुल 11 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। यह इस्तीफा इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। 

पार्टी की सदस्यता छोड़ने वाले प्रमुख नाम

सामूहिक इस्तीफा देने वालों में मंडल महामंत्री अंकित तिवारी और मंडल मंत्री महावीर सिंह के अलावा मंडल उपाध्यक्ष आलोक सिंह, शक्ति केंद्र संयोजक मोहित मिश्र, वेद प्रकाश सिंह और नीरज पांडेय शामिल हैं। इसके साथ ही युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अनूप सिंह, मंडल महामंत्री राज विक्रम सिंह, पूर्व मंडल मंत्री अभिषेक अवस्थी, बूथ अध्यक्ष विवेक सिंह और पूर्व सेक्टर संयोजक कल सिंह ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। 

'दीनदयाल और मुखर्जी के आदर्शों से भटकी पार्टी'

इस्तीफा देने वाले नेता अंकित तिवारी ने पार्टी नेतृत्व पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस उद्देश्य के लिए पार्टी का निर्माण हुआ था, वर्तमान नेतृत्व उससे भटक गया है। यूजीसी के नए नियमों को उन्होंने बच्चों के भविष्य के लिए घातक बताते हुए किसी भी पार्टी कार्यक्रम में शामिल न होने का एलान किया है। 

जिलाध्यक्ष ने पत्र मिलने से किया इनकार

इस बड़े घटनाक्रम पर भाजपा के जिलाध्यक्ष विजय मौर्या ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें पदाधिकारियों के इस्तीफे की जानकारी मिली है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि अभी तक आधिकारिक रूप से किसी भी पदाधिकारी का त्यागपत्र उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, मंडल महामंत्री अंकित तिवारी ने पत्र भेजने की पुष्टि कर दी है। 

गहराता जा रहा है यूजीसी नियमों का विवाद

यूजीसी के ‘समानता को प्रोत्साहित करने के नियम-2026’ को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है, लेकिन सत्ताधारी दल के भीतर इस तरह का खुला विद्रोह पहली बार लखनऊ में देखने को मिला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं की गई, तो आगामी चुनावों में पार्टी को स्थानीय स्तर पर बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।