प्रयागराज माघ मेला: विश्व शांति और गरीब कल्याण के लिए गूंजे माता ललिता के मंत्र; संपन्न हुआ कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ

प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के सानिध्य में एक करोड़ मंत्रोच्चार के साथ श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य भारत का वैभव बढ़ाना और गरीब कल्याण सुनिश्चित करना है।

प्रयागराज माघ मेला: विश्व शांति और गरीब कल्याण के लिए गूंजे

Prayagraj -  संगम की रेती पर आयोजित माघ मेला क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में 'श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ' का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। 19 से 26 जनवरी तक चले इस अनुष्ठान का मुख्य ध्येय राष्ट्र की प्रगति, विश्व शांति और निर्धन वर्ग का कल्याण रहा। 

करोड़ बार मंत्रोच्चार और सिंदूर अर्चन

महायज्ञ का शुभारंभ माता ललिता जी के विधिवत पूजन के साथ हुआ। इस अलौकिक अनुष्ठान में 1,000 से अधिक सुहागिन महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तों ने श्री ललिता सहस्त्रनाम के मंत्रों का एक करोड़ बार जाप करते हुए माता का सिंदूर से अर्चन किया। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी अब तक देश के 40 प्रमुख शहरों में इस महायज्ञ का सफल आयोजन कर चुके हैं। 

सनातन का पुनरुत्थान और विश्व गुरु की ओर भारत

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में सनातन धर्म का वास्तविक पुनरुत्थान प्रारंभ हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की सांस्कृतिक शक्ति की ओर देख रही है और भारतीय सिंदूर के आध्यात्मिक महत्व को वैश्विक पहचान मिल चुकी है। उन्होंने सभी से सनातन धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया, क्योंकि यह धर्म सबका सम्मान करने की सीख देता है। 

हर गाँव तक पहुँचेगा महाअनुष्ठान

गरीब वर्ग के उत्थान और भारत माता के वैभव को बढ़ाने का संकल्प दोहराते हुए स्वामी जी ने घोषणा की कि माता ललिता का यह महाअनुष्ठान भविष्य में देश के प्रत्येक गाँव में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भगवती की कृपा से भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा। साथ ही, उन्होंने माघ मेले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।