सावधान ! पटना में बिक रहा में फॉर्मेलिन मिला दूध, मिलावटी पनीर भी जब्त, यह केमिकल शव को सड़ने से बचाता है- खाया तो होगा कैंसर

Formalin Milk sold in Patna- फोटो : news4nation

Formalin Milk sold in Patna : राज्य में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, छापेमारी, नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला परीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। 

इसी क्रम में हाजीपुर, दरभंगा और पटना जिले में खाद्य सुरक्षा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सपायर्ड, खराब एवं मानकों के विपरीत पाए गए खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया। वहीं, फतुहा क्षेत्र में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन पाए जाने के बाद करीब 126 लीटर दूध नष्ट कराया गया। जबकि, पटना शहर स्थित संतुष्टि स्वीट्स और उसकी विनिर्माण इकाई में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा औचक निरीक्षण एवं सघन जांच की गई, साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए।


हाजीपुर में मिलावटी पनीर नष्ट

वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित स्टेशन रोड में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा मिलावटी पनीर के खिलाफ कार्रवाई की गई। सुधीर किराना दुकान से 14 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसमें स्टार्च की मिलावट पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। वहीं, श्री गणेश पनीर हाउस से 58 किलोग्राम पनीर में स्टार्च की मिलावट पाए जाने पर उसे भी विनष्ट कराया गया। साथ ही, नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


दरभंगा में एक्सपायर्ड दूध-पनीर पर कार्रवाई

दरभंगा जिले के बेनीपुर स्थित आशापुर चौक के सुधा मिल्क पार्लर में खाद्य संरक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच के दौरान पार्लर में 21 लीटर एक्सपायर्ड सुधा मिल्क और 18 किलोग्राम खराब पनीर पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों खाद्य सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कराया गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


पटना के फतुहा में दूध में फॉर्मेलिन 

पटना जिले के सबलपुर फतुहा क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई की। अभिहित पदाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी-सह-खाद्य संरक्षा अधिकारी की उपस्थिति में सबलपुर, फतुहा टेढ़ी पुल के निकट स्थित राजीव डेयरी में दूध एवं पनीर की जांच की गई। जांच में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन की उपस्थिति पाई गई। इसके बाद करीब 126 लीटर दूध को नष्ट कराया गया। आवश्यक नमूने भी संग्रहित किए गए हैं और जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 


 6 नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे

फतुहा थाना क्षेत्र के बाजितपुर स्थित Alexa Foods and Supplements, Barishpur, Fatuha, Patna में भी संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि निरीक्षक, आयुष निदेशालय एवं पुलिस पदाधिकारियों की टीम शामिल रही। निरीक्षण के दौरान परिसर में Food Supplements, Raw Materials तथा निर्माण में प्रयुक्त Manufacturing Equipment पाए गए। परिसर में कुछ निर्मित तथा कुछ अर्द्धनिर्मित Food Supplements भी पाए गए। नियमानुसार जांच एवं विश्लेषण के लिए कुल 06 नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए भेजा जा रहा है।


निरीक्षण के दौरान Food Supplements के अतिरिक्त कोई अन्य औषधि नहीं पाई गई तथा किसी आपत्तिजनक अथवा संदिग्ध पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। संस्थान के स्वाधिकारी द्वारा Food Supplements के निर्माण एवं संबंधित खाद्य विनिर्माण अनुज्ञप्ति उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। दस्तावेजों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


जनता की थाली से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को केवल सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड, खराब, मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री का भंडारण, उपयोग या बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।


क्या है  फॉर्मेलिन

फॉर्मेलिन एक ऐसा रसायन है जिसका मुख्य रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में किसी ऐसे रसायन को बचाने के लिए किया जाता है जिओ सड़ सकता है. जैविक नमूनों को संरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। शरीर से निकाले गए ऊतक (tissue) और बायोप्सी नमूनों को सड़ने से बचाकर संरक्षित करना  और शवों और anatomical specimens के संरक्षण में फॉर्मेलिन का इस्तेमाल होता है। वहीं फॉर्मेलिन का किसी खाद्य पदार्थ के साथ मिलाकर सेवन करने पर कैंसर हो सकता है।