रेलवे कर्मचारियों को दिवाली का बड़ा तोहफा! मोदी कैबिनेट ने 78 दिन के बोनस को दी मंजूरी
Railway Bonus 2026: नॉन-गजेटेड रेलकर्मियों को मिलेगा 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस मिलेगा, हालांकि 11 साल से कैलकुलेशन की सीमा नहीं बढ़ी है .
Railway : देश के लाखों रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलकर्मियों को दिवाली का तोहफा देते हुए 78 दिन के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह बोनस रेलवे के नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को दिया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार शाम कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए रेलकर्मियों के लिए 78 दिन के बोनस की घोषणा की। इस फैसले से त्योहार के मौके पर कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
17,951 रुपये बोनस का मिलता रहा है लाभ
रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना फिलहाल 7,000 रुपये की मासिक वेतन सीमा के आधार पर की जाती है। इस हिसाब से 78 दिन के बोनस की अधिकतम राशि 17,951 रुपये बनती है। रेलकर्मियों के संगठनों का कहना है कि गणना की यह सीमा वित्त वर्ष 2014-15 से नहीं बदली गई है। इसके कारण महंगाई और वेतन में बदलाव के बावजूद बोनस की रकम लंबे समय से स्थिर बनी हुई है।
रेलवे कर्मचारियों के संगठनों ने बोनस की गणना के लिए न्यूनतम वेतन सीमा बढ़ाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि गणना की सीमा 18,000 रुपये कर दी जाए, तो 78 दिन के बोनस की राशि करीब 46,184 रुपये हो सकती है।
रेल मंत्री से बोनस बढ़ाने की हुई थी मांग
बोनस की राशि और गणना की सीमा में बदलाव की मांग को लेकर रेलकर्मियों के कई संगठनों ने आवाज उठाई थी। इसी मुद्दे पर राज्यसभा सांसद और माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बोनस के भुगतान वाले दिनों की संख्या बढ़ाने और गणना की अधिकतम वेतन सीमा में संशोधन करने का आग्रह किया था।
पत्र में उन्होंने श्रमिक संगठन सीटू की मांग का हवाला देते हुए बोनस की गणना के लिए मासिक वेतन सीमा कम से कम 28,440 रुपये निर्धारित करने की अपील की थी। यह मांग न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते के आकलन पर आधारित बताई गई थी।
कोल इंडिया और सेल के बोनस से रेलवे कर्मचारियों की तुलना
रेलवे कर्मचारियों के संगठनों ने कोल इंडिया और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) में मिलने वाले बोनस का उदाहरण देते हुए रेलवे की बोनस व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में इन कंपनियों के कर्मचारियों के बोनस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जबकि रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना की सीमा लंबे समय से नहीं बदली गई है।
पिछले साल कोल इंडिया के कर्मचारियों को करीब 1.03 लाख रुपये और सेल के कर्मचारियों को लगभग 29,500 रुपये बोनस मिलने की जानकारी दी गई थी। इस साल कोल इंडिया में करीब 1.10 लाख रुपये और सेल में 40 हजार रुपये बोनस मिलने की चर्चा है।
रेलवे कर्मचारियों के बीच बोनस की गणना की सीमा बढ़ाने और दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों के समान बेहतर लाभ देने की मांग लंबे समय से उठती रही है। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद रेलकर्मियों को 78 दिन के बोनस का लाभ मिलेगा। हालांकि, बोनस की गणना की अधिकतम वेतन सीमा में बदलाव को लेकर कर्मचारियों की मांग अलग से बनी हुई है।