Union Budget 2026: बजट 2026 पर कैबिनेट ने लगाई मुहर, बस कुछ देर में सीतारमण पेश करेंगी भारत का आम बजट

Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को भारत का आम बजट पेश करने जा रही हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने बजट पर मुहर लगा दी है। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राष्ट्रपति को बजट पेश किए जाने की जानकारी दी

बजट 2026 पर कैबिनेट ने लगाई मुहर- फोटो : social Media

Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को भारत का आम बजट पेश करने जा रही हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने बजट पर मुहर लगा दी है। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राष्ट्रपति को बजट पेश किए जाने की जानकारी दी। इस बार का बजट उनके लिए खास इसलिए भी है क्योंकि यह उनका नौवां बजट होगा, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है, और इस तरह वे रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी।

आर्थिक दृष्टि से यह बजट देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्यम वर्गीय को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं व्यापारिक वर्ग कर कटौती की आस लगाए बैठा है। पिछले चार वर्षों की तरह यह बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया जाएगा। याद दिला दें कि साल 2019 में जब सीतारमण ने पहला बजट पेश किया था, तब उन्होंने पारंपरिक चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटा बही खाता संसद में लेकर पहुंचीं थीं।

साल 2017 से बजट प्रस्तुत करने की तारीख एक फरवरी तय की गई है। रविवार सुबह 10.15 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें आम बजट को मंजूरी प्रदान की गई। इसके बाद वित्त मंत्री संसद में करीब 11 बजे बजट पेश करेंगी। लोकसभा में पूरा भाषण पढ़ने के बाद बजट को राज्यसभा के पटल पर रखा जाएगा। संसद का मौजूदा बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू होगा। बजट सत्र दो अप्रैल को समाप्त होगा।

आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुमानों से बेहतर रहने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 6.4 प्रतिशत जबकि विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। संसद में पेश की गई समीक्षा में 2025-26 की संभावित वृद्धि दर को तीन साल पहले अनुमानित 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है।

इस बजट के जरिए सरकार न सिर्फ़ आर्थिक सुधारों की गति तेज़ करना चाहती है, बल्कि मध्यम वर्ग, व्यापारी और उद्योगपतियों के हितों के साथ-साथ निवेश और विकास को भी नई दिशा देने की कोशिश करेगी। इस बार का बजट ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।