वांगचुक से मिले नड्डा-जितेंद्र सिंह, CJP ने ठुकराई बातचीत की पहल,लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के बीच आंदोलन और तेज, देर रात पहुंचे उद्धव ठाकरे, महुआ मोइत्रा
CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन लगातार 33वें दिन भी जारी है। संसद भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। रफी मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है
CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन लगातार 33वें दिन भी जारी है। मंगलवार की रात भी हजारों प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर डटे रहे। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना भी समाप्त कर दिया गया। हालांकि, आंदोलन की धार अब भी बरकरार है। कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब संगठन सरकार के पास बातचीत के लिए नहीं जाएगा, अगर बातचीत करनी है तो सरकार को जंतर-मंतर आना होगा।
इस आंदोलन ने अब सियासी रंग भी लेना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों के कई नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह भाषण देने नहीं, बल्कि युवाओं की ताकत को नमन करने आए हैं। ठाकरे ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आजादी के बाद पहली बार युवाओं पर इस तरह की कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ किसी एक व्यक्ति को हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।
वहीं, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी देर रात जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जो लोग सत्ता से डरते नहीं हैं, उनसे निपटना सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है। महुआ ने इसे सरकार के लिए ‘आउट ऑफ सिलेबस’ स्थिति करार दिया।
उधर, आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज है। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार रात अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं।
हालांकि आंदोलन के बीच सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी विवाद सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान RAF जवान पर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी जवान के साथ मारपीट करते, वाहन पर पथराव और तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं।कॉकरोच जनता पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार के साथ हुई बातचीत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि 20 जुलाई को बातचीत के लिए बुलाए जाने के बाद उन्हें कई घंटे तक इंतजार कराया गया और फोन इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं दी गई। उन्होंने इसे हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति बताया।
दरअसल, 20 जुलाई के संसद मार्च के बाद सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई थी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की थी। बैठक में संगठन ने तीन प्रमुख मांगें रखीं सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करना, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देना।
इधर, संसद भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। रफी मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जंतर-मंतर का यह आंदोलन अब सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि यह केंद्र सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का बड़ा मंच बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में बातचीत का रास्ता खुलता है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।