CDS Appointment: भारत को मिला नया CDS, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि संभालेंगे तीनों सेनाओं की कमान

CDS Appointment: देश की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने एनएस राजा सुब्रमणि को भारत का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS नियुक्त कर दिया है।

भारत को मिला नया CDS- फोटो : social Media

CDS Appointment: देश की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने एनएस राजा सुब्रमणि को भारत का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS नियुक्त कर दिया है। वे मौजूदा CDS अनिल चौहान की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। इस फैसले को भारत की सैन्य रणनीति और बॉर्डर सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के अहम ओहदे पर तैनात हैं। उन्होंने 1 सितंबर 2025 से यह जिम्मेदारी संभाल रखी है। सेना में उनके 37 साल से ज्यादा लंबे तजुर्बे और रणनीतिक समझ को देखते हुए सरकार ने उन्हें देश की तीनों सेनाओं के समन्वय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

सैन्य हलकों में राजा सुब्रमणि को साइलेंट स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर जाना जाता है। चीन और पाकिस्तान सीमा पर उनका गहरा अनुभव उन्हें बेहद खास बनाता है। इससे पहले वे 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख रह चुके हैं। वहीं मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ यानी GOC-in-C के रूप में भी अहम जिम्मेदारी निभाई।

दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन पाने वाले राजा सुब्रमणि ने अपने करियर में कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इलाकों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने कमान, ट्रेनिंग और स्टाफ से जुड़े कई बड़े पदों पर काम किया है। सेना के अंदर उन्हें अनुशासन, रणनीति और ऑपरेशनल प्लानिंग का मास्टर माना जाता है।

शिक्षा और ट्रेनिंग के मामले में भी उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत है। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के ब्रैक्नेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से भी विशेष प्रशिक्षण हासिल किया है।

राजा सुब्रमणि के पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एमफिल की डिग्री भी है। अब देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए CDS के तौर पर वे भारत की सैन्य ताकत को किस नई ऊंचाई तक ले जाते हैं।