Iran-US War: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से हवाई सफर होगा महंगा!युद्ध के बीच टिकट के दाम बढ़ने तय

Iran-US War: मिडिल ईस्ट जारी युद्ध की वजह से देश में ईंधन महंगे हो चुके हैं। इसका असर हवाई असर पर देखने को मिलने वाला है। आगामी 1 अप्रैल 2026 से फ्लाइट किराया बढ़ सकता है।

अब हवाई यात्रा बनेगी महंगी- फोटो : social media

Iran-US War: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब हवाई यात्रा पर भी दिखने लगा है। खबर है कि 1 अप्रैल 2026 से फ्लाइट का किराया फिर से महंगा हो सकता है। भारत में हवाई ईंधन यानी ATF की कीमत फरवरी में ₹91 प्रति लीटर थी, जो मार्च में बढ़कर ₹97 प्रति लीटर हो गई है। यानी सिर्फ एक महीने में ₹6 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।

इसका सीधा असर एयरलाइंस के खर्च पर पड़ रहा है। उदाहरण के तौर पर, एक बड़ा विमान दिल्ली से मुंबई जाने में करीब 6,000 लीटर ईंधन खर्च करता है। इस हिसाब से एक फ्लाइट पर लगभग ₹36,000 का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। अगर सरकारी तेल कंपनियां अप्रैल से अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमत तय करती हैं, तो एयरलाइंस के कुल खर्च में ईंधन का हिस्सा 80 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी कहा है कि ATF की कीमत हर महीने की पहली तारीख को तय होती है और इसका असर 1 अप्रैल से दिखाई देगा।

ईरान के एयरस्पेस से बचकर जाने को मजबूर

इसके अलावा एक और वजह से खर्च बढ़ रहा है। एयरलाइंस अब ईरान के एयरस्पेस से बचकर लंबा रास्ता ले रही हैं। लंबा रास्ता मतलब ज्यादा ईंधन और ज्यादा खर्च, और इसका बोझ आखिर में यात्रियों पर ही पड़ता है। इसी कारण कई एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज भी लगा दिया है। इंडिगो ने 14 मार्च से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर ₹425 से ₹2,300 तक फ्यूल सरचार्ज जोड़ा है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 12 मार्च से घरेलू टिकटों पर ₹399 का फ्यूल सरचार्ज लागू किया है। आकाशा एयर ने भी 15 मार्च से ऐसा ही कदम उठाया है। एयर इंडिया का कहना है कि अगर यह सरचार्ज नहीं लगाया जाता, तो कुछ फ्लाइट चलाना मुश्किल हो जाता।

किराया कब से बढ़ना शुरू हुआ था?

फ्यूल सरचार्ज लागू होने से पहले ही किराया बढ़ना शुरू हो गया था। सरकार ने दिसंबर 2025 में इंडिगो संकट के दौरान घरेलू किराए पर एक सीमा तय की थी। 500 किलोमीटर तक के रूट पर ₹7,500, दिल्ली-मुंबई जैसे रूट पर ₹15,000 और लंबी दूरी के रूट पर ₹18,000 तक किराया तय था। लेकिन यह सीमा 23 मार्च 2026 से हटा दी गई है। सरकार का कहना है कि अब हालात सामान्य हो गए हैं और उड़ानों की संख्या भी बढ़ गई है। हालांकि सरकार ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि बहुत ज्यादा किराया बढ़ाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

कई रूट पर किराया काफी बढ़ा

अब कई रूट पर किराया काफी बढ़ गया है। बेंगलुरु से दिल्ली जाने का किराया ₹1,500 से ₹3,000 तक बढ़ गया है। बेंगलुरु से अंडमान का टिकट जो पहले ₹15,000 से ₹20,000 के बीच मिलता था, अब ₹25,000 से ₹30,000 तक पहुंच गया है। गोवा का किराया ₹4,000 से बढ़कर ₹8,000 से ₹10,000 तक हो गया है। एक ट्रैवल एजेंट के अनुसार, अब हालत यह है कि जैसे ही ग्राहक को टिकट का दाम बताया जाता है, कुछ ही मिनटों में किराया ₹2,000 तक बढ़ जाता है। 29 मार्च से DGCA का समर शेड्यूल लागू हो रहा है। इस बार पिछले साल के मुकाबले हर हफ्ते करीब 2,561 कम उड़ानें होंगी, यानी करीब 10 प्रतिशत की कमी। कम उड़ानें, ज्यादा यात्री और महंगा ईंधन, ये तीनों मिलकर आने वाले समय में किराया और बढ़ा सकते हैं।