PM Modi Meeting: ईरान-अमेरिका टकराव के बीच प्रधामंत्री की आपात बैठक, मोदी ने बुलाई मुख्यमंत्रियों की मीटिंग, ग्लोबल क्राइसिस पर आज होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम पहल करते हुए आज तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक बुलाई है।...

प्रधामंत्री की आपात बैठक- फोटो : social Media

PM Modi Meeting: पश्चिम एशिया में भड़कती जंग और ईरान-अमेरिका टकराव के बीच हिंदुस्तान की सियासत भी गरमा गई है। इसी दरमियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम पहल करते हुए आज तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक बुलाने का फैसला किया है। इस हाई-लेवल मीटिंग को मौजूदा हालात में सियासी और प्रशासनिक तालमेल की बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक महज़ औपचारिक नहीं बल्कि एक स्ट्रेटेजिक ब्रेनस्टॉर्मिंग होगी, जिसमें पश्चिम एशिया के संघर्ष से पैदा हुए हालात, ऊर्जा सुरक्षा, और देश के भीतर सप्लाई चेन को लेकर व्यापक मंथन किया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि जिन राज्यों में चुनावी बिगुल बज चुका है जैसे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी उनके मुख्यमंत्री इस मीटिंग से बाहर रहेंगे, ताकि चुनाव आयोग के उसूलों की पाबंदी बरकरार रहे। मीटिंग में यहां के मुख्य सचिव शामिल होंगे।

विपक्ष ने एलपीजी और पेट्रोल-डीज़ल की संभावित किल्लत को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, और इसे मिसमैनेजमेंट करार दिया है। वहीं सरकार का रुख साफ है कोई कमी नहीं, कोई घबराहट नहीं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि देश के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पैनिक बुकिंग की कोई ज़रूरत नहीं है।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि करते हुए अवाम से अपील की है कि अफवाहों पर यक़ीन न करें और संयम बनाए रखें। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से संवाद की रणनीति तैयार की है।

संसद में हालिया बयान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यह जंग महज़ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट का सबब बन सकती है। उन्होंने देशवासियों को आगाह किया कि आने वाला वक़्त चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सरकार हर हालात से निपटने के लिए मुस्तैद है।कुल मिलाकर, यह बैठक सिर्फ एक संवाद नहीं, बल्कि नेशनल रिस्पॉन्स मैकेनिज्म को धार देने की कोशिश है जहां सियासत, कूटनीति और प्रशासन एक साथ मिलकर संकट का मुकाबला करने की तैयारी कर रहे हैं।