PM Modi Social Media Record: डिजिटल दुनिया के बादशाह बने पीएम मोदी, दुनिया में बना नया रिकॉर्ड,309 मिलियन व्यूज ने विपक्ष की बढ़ाई बेचैनी

PM Modi Social Media Record: डिजिटल जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ऐसा परचम लहराया है, जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।...

डिजिटल मैदान में पीएम मोदी का जलवा- फोटो : Epsita

PM Modi Social Media Record: देश की सियासत इन दिनों सिर्फ़ संसद, सड़क और सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया भी अब सबसे बड़ा सियासी अखाड़ा बन चुकी है। इसी डिजिटल जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ऐसा परचम लहराया है, जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री की एक रील ने महज़ 24 घंटे के भीतर 30 करोड़ से अधिक (करीब 309 मिलियन) व्यूज हासिल कर एक नया वैश्विक रिकॉर्ड कायम कर दिया। यह आंकड़ा सोशल मीडिया की दुनिया में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल रिस्पॉन्स में शामिल माना जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि यह डिजिटल कामयाबी ऐसे वक्त आई है, जब राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हजारों छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने की रणनीति पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

रिकॉर्डतोड़ डिजिटल प्रतिक्रिया मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने "फ्रेंड्स, थैंक यू" कहकर युवाओं का आभार जताया और कहा कि देश के नौजवानों ने जिस तरह अपने सुझाव और भरोसा जताया है, वह लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं को सरकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बीते ढाई महीनों के दौरान सरकार ने लगातार हालात पर नज़र रखी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी छात्र का बहुमूल्य शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने दोबारा परीक्षाओं के सफल आयोजन, तेज़ प्रशासनिक समन्वय और पारदर्शी व्यवस्था की प्रतिबद्धता दोहराई।इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि केंद्र सरकार परीक्षा माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एक सख्त कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में पेपर लीक से जुड़े गिरोहों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट, कठोर दंड और त्वरित न्याय जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

उधर, विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से देख रहा है। उसका आरोप है कि डिजिटल लोकप्रियता और रिकॉर्ड व्यूज से ज़मीनी सवालों का जवाब नहीं दिया जा सकता। वहीं भाजपा इसे प्रधानमंत्री की लोकप्रियता, युवाओं के भरोसे और डिजिटल युग में उनके मजबूत संवाद का प्रमाण बता रही है।फिलहाल इतना तय है कि एक ओर जंतर-मंतर पर नारों की गूंज सुनाई दे रही है, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी का डिजिटल प्रभाव नए रिकॉर्ड गढ़ रहा है।