आधी रात PM मोदी का बड़ा ऐलान, पेपर लीक पर अब उम्रभर काटनी पड़ेगी सजा, राहुल ने उठाए तल्ख सवाल

Paper Leak Law: देशभर में लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े कथित पेपर लीक सिंडिकेट पर शिकंजा कसने की तैयारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार आधी रात वीडियो संदेश जारी कर बड़ा ऐलान किया।

आधी रात PM मोदी का बड़ा ऐलान- फोटो : social Media

Paper Leak Law: देशभर में लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े कथित पेपर लीक सिंडिकेट पर शिकंजा कसने की तैयारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार आधी रात वीडियो संदेश जारी कर बड़ा ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि पेपर लीक जैसा संगीन जुर्म किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान करने वाला नया कानून लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा होगी और मंजूरी के बाद इसे अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा।

करीब ढाई मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों पर डाका डालने जैसा अपराध है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में जांच एजेंसियों ने कई गुनहगारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। सरकार की प्राथमिकता थी कि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो, इसलिए रिकॉर्ड समय में 22 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई गई और 19 जुलाई को परिणाम भी जारी कर दिए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। इस पूरे रैकेट का तेजी से ट्रायल कराने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उनका कहना था कि देर रात विभागों से मसौदा मिला है, जिसमें सख्त सजा और त्वरित न्याय के प्रावधान शामिल हैं।

यह पूरा मामला 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा के कथित पेपर लीक से जुड़ा है, जिसकी जांच फिलहाल CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ के बाद अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

उधर, इस मुद्दे पर सियासी घमासान भी तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के आधी रात जारी वीडियो को बेकार वीडियो"बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्रों के सवालों का जवाब कार्रवाई से दिया जाए, केवल संदेशों से नहीं। पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि देशभर के छात्र दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।