NEET Paper Leak: NEET विवाद पर सरकार और CJP आमने-सामने, प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, क्या बैकपुट पर आने को तैयार है केंद्र सरकार, पढ़िए

NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली से बिहार तक सियासी घमासान तेज हो गया है।....

क्या बैकपुट पर आने को तैयार है केंद्र सरकार- फोटो : social Media

NEET Paper Leak:  NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली से बिहार तक सियासी घमासान तेज हो गया है। पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। CJP ने साफ कर दिया है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन अपनी प्रमुख मांगों पर कायम है। उन्होंने संकेत दिया कि शनिवार दोपहर 3:30 बजे सरकार और CJP के बीच होने वाली संभावित बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का होगा। संगठन का कहना है कि जब तक इस मामले में जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इससे पहले CJP ने दावा किया था कि सरकार ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने पर सहमति जताई है। हालांकि, सरकार की ओर से इन मांगों पर अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।

पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार की सक्रियता को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शिक्षा मंत्रालय में बड़े स्तर पर बदलाव, मंत्रियों की बैठक और पेपर लीक पर नए कानून की तैयारी को विपक्ष और आंदोलनकारी सरकार पर बढ़ते दबाव के तौर पर देख रहे हैं।

23 जुलाई को केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद पर बदलाव किया। विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया। इसके अलावा कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में भी फेरबदल किया गया।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले पर पहली बार वीडियो संदेश जारी कर युवाओं को भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और कड़ी कार्रवाई की बात कही।

इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन बिल को मंजूरी दी है। संभावना है कि इसे संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

इधर, जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार जारी है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था, जिसके बाद लाठीचार्ज का मामला भी सामने आया था। इसके बाद विपक्ष ने भी सरकार को घेरते हुए प्रदर्शन किया।

सरकार और CJP के बीच बातचीत का रास्ता भी आसान नहीं रहा। सरकार का कहना था कि संगठन को कई बार वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन CJP की मांग थी कि बातचीत किसी मंत्री के आवास या कार्यालय में नहीं बल्कि तटस्थ स्थान पर हो।

24 जुलाई को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के पांच सुझाव रखे हैं। सरकार ने इन पर विचार के लिए समय मांगा है।इसी बीच शिक्षा सुधार और अन्य मांगों को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से भी सरकार के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।NEET पेपर लीक मामला अब केवल परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार, विपक्ष और छात्र संगठनों के बीच बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन चुका है। अब सबकी नजर सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बैठक और आगे की रणनीति पर टिकी है।