'नरेंद्र मोदी भारत का अतीत- धर्मेंद्र प्रधान विनाश का प्रतीक’, राहुल गांधी का PM पर सीधा हमला, ये भारत के भविष्य की लड़ाई

राहुल गांधी ने कहा, “यह वही सिस्टम है जो छात्रों और युवाओं पर हमला कर रहा है। मैंने उनसे अंदर जाकर कहा कि चिंता मत करो। भारत सरकार की पूरी ताकत भी तुम्हें वहां से हिला नहीं सकती।”

Rahul Gandhi - फोटो : news4nation

Rahul Gandhi :  NEET पेपर लीक और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली में चल रहे आंदोलन के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं का खुलकर समर्थन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगों से कोई समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितनी ताकत लगा ले, छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाया नहीं जा सकता।


राहुल गांधी ने कहा, “यह वही सिस्टम है जो छात्रों और युवाओं पर हमला कर रहा है। मैंने उनसे अंदर जाकर कहा कि चिंता मत करो। भारत सरकार की पूरी ताकत भी तुम्हें वहां से हिला नहीं सकती।” उन्होंने कहा, “सरकार जो करना चाहती है, करे। अगर वह रोकना चाहती है, धमकाना चाहती है, तो वह सब कर सकती है। लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”


‘छात्र भारत का भविष्य हैं, मोदी भारत का अतीत’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र देश का भविष्य हैं और कोई भी उन्हें दबा नहीं सकता। उन्होंने कहा, “वे भारत का भविष्य हैं। कोई उनसे लड़ नहीं सकता। नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं और अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।” राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन को केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा बताया।


राहुल गांधी ने बताईं तीन ‘Non-Negotiable’ मांगें

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं और इन पर कोई समझौता नहीं होगा। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाना है। राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की राजनीतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। दूसरी मांग प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। तीसरी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से छात्रों से माफी मांगने की है। राहुल गांधी ने कहा कि ये तीनों मांगें “नॉन-नेगोशिएबल” हैं और सरकार को इन्हें स्वीकार करना होगा।


‘धर्मेंद्र प्रधान विनाश का प्रतीक’

राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार संकट में है और इसके लिए राजनीतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को “विनाश का प्रतीक” बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। राहुल गांधी ने दावा किया कि 2014 के बाद देश में बड़ी संख्या में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उनके मुताबिक, इन घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।


CJP के आंदोलन को राहुल गांधी का समर्थन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में छात्र आंदोलन चल रहा है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कार्रवाई न करना शामिल है।


शुक्रवार को केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। आंदोलनकारियों ने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। हालांकि, इस मांग पर गतिरोध बना हुआ है। सरकार ने अन्य मांगों पर सैद्धांतिक सहमति के संकेत दिए हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अब तक सहमति नहीं बनी है।


‘हम पीछे नहीं हटेंगे’

राहुल गांधी ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि विपक्ष उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे दबाव बनाए या आंदोलन को रोकने की कोशिश करे, छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “हम पीछे नहीं हटेंगे।” राहुल गांधी के इस बयान के बाद NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। एक ओर दिल्ली में CJP केंद्र सरकार पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर दबाव बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी इस मांग का खुला समर्थन कर दिया है।