तमिलनाडु में सियासी भूकंप! थलपति विजय बने 9वें मुख्यमंत्री, 9 मंत्रियों ने भी ली शपथ, द्रविड़ राजनीति का 60 साल पुराना किला ढहा

Tamil Nadu CM Oath Ceremony: फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार और जन-जन के दिलों पर राज करने वाले जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें लोग थलपति विजय के नाम से जानते हैं, ने आज राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर लिया।..

तमिलनाडु में सियासी भूकंप- फोटो : reporter

Tamil Nadu CM Oath Ceremony: तमिलनाडु की राजनीति में आज इतिहास के पन्नों पर दर्ज होने वाला एक ऐसा राजनीतिक मोड़ आया है, जिसने पूरे देश को चौंका दिया। फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार और जन-जन के दिलों पर राज करने वाले जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें लोग थलपति विजय के नाम से जानते हैं, ने आज राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर लिया।विजय के साथ उनके मंत्रिमंडल के 9 विधायकों ने भी शपथ ली, जिनमें एन आनंद, अधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेनगोट्टैयन, पीकटरमण, आर.आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. रिबैल प्रभु और सेल्वी एस कीर्तन शामिल हैं। सभी मंत्री अपनी पार्टी तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) से ही हैं, जबकि सहयोगी आश्रम को इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली।

यह भव्य शपथ ग्रहण समारोह जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, चेन्नई में आयोजित हुआ, जहाँ राजनीतिक जोश, जनसमर्थन और उत्साह का अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिला। पूरा मैदान विजय-विजय के नारों से गूंज उठा और माहौल किसी राजनीतिक रैली से ज्यादा एक जनक्रांति जैसा प्रतीत हुआ।

इस ऐतिहासिक मौके पर राष्ट्रीय राजनीति के कई दिग्गज भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अभिनेत्री तृषा कृष्णन की उपस्थिति ने इस समारोह को और अधिक हाई-प्रोफाइल और चर्चित बना दिया।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार को विजय को तमिलनाडु के राज्यपाल अर्लेकर द्वारा सरकार बनाने का आमंत्रण दिया गया था। उनके नेतृत्व वाले गठबंधन टीवीके को कुल 121 विधायकों का समर्थन पत्र मिला, जिसके बाद उन्हें सत्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई। तमिलागा वेत्री कझगम ने अपने पहले ही चुनाव में 234 में से 108 सीटें जीतकर राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी, जिसे गठबंधन समर्थन ने पूरा किया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है, जहाँ दशकों से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का दबदबा रहा है। करीब 60 वर्षों बाद राज्य में किसी गैर-द्रविड़ चेहरे का सत्ता में आना एक ऐतिहासिक परिवर्तन माना जा रहा है।

विजय की यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि तमिल राजनीति में एक सिनेमा से सत्ता की नई क्रांति के रूप में देखी जा रही है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि अब राजनीति सिर्फ संगठन या परंपरा पर नहीं, बल्कि जन-भावनाओं, करिश्मे और लोकप्रियता पर भी टिकी है।

जनता के बीच उनकी जबरदस्त लोकप्रियता, फिल्मी छवि और सीधा संवाद शैली ने उन्हें सत्ता तक पहुंचाया। समर्थकों का मानना है कि यह नया युग तमिलनाडु की राजनीति को एक नई दिशा देगा, जहाँ विकास, युवा नेतृत्व और जनसरोकारों को प्राथमिकता मिलेगी। फिलहाल पूरे राज्य में जश्न का माहौल है और राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को तमिलनाडु की सबसे बड़ी सियासी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।