Delhi Protest: जंतर-मंतर बना जंग का मैदान, पत्थरबाज़ी, लाठीचार्ज और आंसू गैस के बीच छात्रों का आंदोलन तेज, कई पुलिस अधिकारी जख्मी

Delhi Protest: राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर बुधवार रात उस वक्त तनाव और हंगामे का केंद्र बन गया, जब शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा दिल्ली पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई।

जंतर-मंतर बना जंग का मैदान- फोटो : reporter

Delhi Protest: राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर बुधवार रात उस वक्त तनाव और हंगामे का केंद्र बन गया, जब शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा दिल्ली पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। संसद मार्ग और कनॉट प्लेस इलाके में करीब 8:30 बजे हालात अचानक बिगड़ गए। पुलिस का दावा है कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरों और कांच की बोतलों से हमला कर दिया, जिसमें कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। करीब 15 मिनट तक पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसके बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया।

इससे पहले दिन में पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश भी प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। उनके मुताबिक, एक पत्थर सीधे उनके माथे पर आकर लगा, जिससे उन्हें चोट पहुंची। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाठियां दिखाई दे रही हैं। इन वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा टकराव के दृश्य भी नजर आते हैं। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उधर, आंदोलन से जुड़े संगठन CJP ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। संगठन के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने दावा किया कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और पुलिस से संयम बरतने की अपील की।

धरना स्थल पर देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे छात्र लगातार जुट रहे हैं। 'चलो संसद' मार्च के बाद भी आंदोलन थमता नहीं दिख रहा। स्वयंसेवकों ने भोजन, पानी और बैठने की व्यवस्था संभाली है। एक डिलीवरी कर्मी ने दावा किया कि जंतर-मंतर के लिए भोजन के कुछ ऑनलाइन ऑर्डर विदेश से किए गए थे। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। राजधानी में बढ़ते इस टकराव पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है, जबकि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच समाधान का रास्ता अभी भी तलाशा जा रहा है।