25 वर्षों बाद बीएमसी पर खत्म हुआ ठाकरे परिवार का कब्जा, भाजपा की रितु तावड़े बनी मेयर

भाजपा से घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद रहीं 53 वर्षीय रितु तावड़े बीएमसी की मेयर बनी हैं.

Ritu Tawde Mayor of BMC- फोटो : news4nation

Ritu Tawde : बीएमसी पर ठाकरे परिवार का 25 वर्षों से चला आ रहा वर्चस्व भी समाप्त हो गया है। मुंबई नगर राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भाजपा पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की निर्विरोध महापौर चुनी गई हैं। पिछले चार दशकों में यह पहला अवसर है जब भाजपा को मुंबई के महापौर पद पर सफलता मिली है। शिवसेना (यूबीटी) द्वारा उम्मीदवार नहीं उतारने के निर्णय के बाद चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ। इसके साथ ही बीएमसी पर ठाकरे परिवार का 25 वर्षों से चला आ रहा वर्चस्व भी समाप्त हो गया। वहीं, शिवसेना नेता संजय घड़ी को उप महापौर चुना गया है।


घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद रहीं 53 वर्षीय रितु तावड़े को जमीनी राजनीति और नगर प्रशासन का लंबा अनुभव है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, तावड़े सक्रिय जनप्रतिनिधि रही हैं और स्थानीय लोगों से उनका मजबूत जुड़ाव है। प्रशासनिक दक्षता और जनसंपर्क के कारण उन्होंने नगर निगम राजनीति में अलग पहचान बनाई है।


तावड़े ने वर्ष 2012 में वार्ड 127 से पार्षद के रूप में बीएमसी में प्रवेश किया था। इसके बाद 2017 में वे वार्ड 121, घाटकोपर से दोबारा निर्वाचित हुईं। हाल ही में 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनाव में उन्होंने वार्ड 132 से जीत दर्ज की। पार्षद के अलावा वे मुंबई नगर निगम की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।


227 सदस्यीय बीएमसी चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों दलों के कुल 118 पार्षदों के समर्थन से भाजपा नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महापौर पद पर आसानी से कब्जा कर लिया।


दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी), जिसने 1997 से 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया था, इस बार 65 सीटों पर सिमट गई। उसके सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को 6 और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 1 सीट मिली। मुंबई की राजनीति में यह परिणाम एक बड़े सत्ता परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।