IAS Marriage: न बैंड-बाजा, न बाराती! IAS अधिकारी का प्यार चढ़ा परवान, दफ्तर में रचाई शादी, सादगी के बने मिसाल

IAS Marriage: दो आईएएस अधिकारियों को प्यार हुआ फिर उनका प्यार ऐसे परवान चढ़ा कि उन्होंने दफ्तर में ही शादी रचा ली। ना बैंड-बाजा और ना ही बाराती पहुंचे बल्कि सादगी के साथ दोनों ने शादी की।

सादगी से शादी कर बने मिसाल - फोटो : social media

IAS Marriage: आज के दौर में जहाँ शादियों में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं, वहीं राजस्थान के अलवर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया। 2023 बैच के दो युवा आईएएस अधिकारियों ने सादगी की नई परिभाषा लिखते हुए बिना किसी ताम-झाम के जिला कलेक्टर कार्यालय में एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और विवाह के बंधन में बंध गए।

दफ्तर बना विवाह मंडप

बुधवार को अलवर का मिनी सचिवालय चर्चा का केंद्र बन गया। यहाँ तैनात एसडीएम माधव भारद्वाज और गुजरात कैडर की आईएएस अधिकारी अदिति वासने ने बिना किसी शोर-शराबे के कानूनी तौर पर शादी की। दोनों अधिकारियों ने दिखावे से दूर रहकर अलवर जिला कलेक्टर के समक्ष एक-दूसरे को माला पहनाई और जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया।

मसूरी और बरेली का संगम

माधव भारद्वाज मूल रूप से उत्तराखंड के मसूरी के रहने वाले हैं और वर्तमान में अलवर में ही एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। तो वहीं अदिति वासने उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली हैं और वर्तमान में गुजरात में आईएएस अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने ही कार्यालय परिसर में हुई यह शादी प्रशासनिक महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है। सादगी और गरिमा के साथ लिए गए इस फैसले को लोग नई पीढ़ी के अधिकारियों की सकारात्मक सोच और सामाजिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर हो रही सराहना

प्रशासनिक गलियारों में इस विवाह की खूब चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि समाज के बड़े पदों पर बैठे इन युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि रस्मों और रिश्तों के लिए दिखावा जरूरी नहीं, बल्कि सादगी और आपसी समझ सर्वोपरि है। सोशल मीडिया पर भी इस 'IAS जोड़ी' की सादगी की जमकर सराहना की जा रही है।