अजमेर शरीफ के मौलवी की गाय को लेकर सरकार से बड़ी अपील, कुर्बानी नहीं देंगे मुसलमान बस कीजिये एक काम

बकरीद के पहले कुर्बानी को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच मुसलमानों के सबसे पाक मजहबी केंद्रों में एक अजमेर शरीफ के मौलवी ने गाय को लेकर केंद्र सरकार से बड़ी अपील की है.

Ajmer Sharif cleric on cow- फोटो : news4nation

Cow : अजमेर शरीफ के मौलवी सैयद सरवर चिश्ती ने शुक्रवार को केंद्र से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और कुर्बानी के लिए उसकी हत्या और बिक्री पर पूरे देश में बैन लगाने की अपील की।  28 मई को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से कुछ दिन पहले मौलवी ने यह अपील की है। चिश्ती ने कहा कि गाय हिंदू समुदाय के लिए बहुत धार्मिक महत्व रखती है और सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा की हकदार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने वाला कानून लाने के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए।


चिश्ती ने कहा, "यह देखना ज़रूरी है कि कौन ऐसे बिल का समर्थन करता है और कौन इसका विरोध करता है," उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर सांप्रदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक सम्मान के नज़रिए से देखा जाना चाहिए। चिश्ती ने कहा कि मुसलमान ऐसे कदम का स्वागत करेंगे।


मवेशियों को छोड़ने के खिलाफ सख्त कानून

मौलवी ने मवेशियों को छोड़ने के खिलाफ सख्त कानून बनाने की भी मांग की, उन्होंने आरोप लगाया कि कई गायों को दूध देने का समय खत्म होने के बाद सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा, "जब गायें दूध देना बंद कर देती हैं, तो लोग उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। ये जानवर सड़कों से प्लास्टिक और कचरा खाते हैं। ऐसी लापरवाही के लिए सख्त सज़ा मिलनी चाहिए।"


मुसलमानों को लिंच करने पर चिंता 

चिश्ती ने गोहत्या के शक में मुसलमानों को लिंच किए जाने की घटनाओं पर भी चिंता जताई और पूरे देश में बीफ़ एक्सपोर्ट पर भी बैन लगाने की मांग की। उन्होंने केंद्र में एक दशक से ज़्यादा समय से सत्ता में होने के बावजूद सख़्त कानून न लाने के लिए BJP की आलोचना की।