नवसंवत्सर पर अयोध्या में आज रचेगा दिव्य इतिहास, राम मंदिर में श्रीराम यंत्र स्थापना करेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

Ram Mandir Ayodhya: आज पावन हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ अयोध्या की पुण्यभूमि एक अद्वितीय आध्यात्मिक महागाथा की साक्षी बनने जा रही है।

अयोध्या में आज दिव्यता का नया अध्याय- फोटो : social Media

Ram Mandir Ayodhya: आज पावन हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ अयोध्या की पुण्यभूमि एक अद्वितीय आध्यात्मिक महागाथा की साक्षी बनने जा रही है। राष्ट्र की प्रथम नागरिक द्रौपदी मुर्मू आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर वैदिक विधि-विधानपूर्वक श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना करेंगी, जो सनातन आस्था एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का परम केंद्र माना जा रहा है।

यह भव्य आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर, सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव और आध्यात्मिक उत्कर्ष का संगम बन गया है। देश-विदेश से सहस्रों विशिष्ट अतिथि लगभग सात हजार इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने हेतु अयोध्या में एकत्रित हुए हैं। समस्त नगरी भगवा ध्वजों, पताकाओं एवं स्वागत बैनरों से अलंकृत होकर मानो दिव्य लोक का आभास करा रही है।

मंदिर के द्वितीय तल पर प्रतिष्ठित होने वाला श्रीराम यंत्र वैदिक गणितीय सिद्धांतों एवं सूक्ष्म ज्यामितीय संरचनाओं पर आधारित एक दिव्य रचना है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार यह यंत्र पूर्व में एक भव्य शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या लाया गया था। धार्मिक मान्यता है कि यह यंत्र सकारात्मक आध्यात्मिक स्पंदनों का संचार करता है तथा दिव्य ऊर्जाओं को आकर्षित कर वातावरण को पवित्र बनाता है।इस महाअनुष्ठान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्वों की उपस्थिति इस आयोजन की गरिमा को और अधिक विस्तार प्रदान करेगी। दक्षिण भारत, काशी एवं अयोध्या से पधारे 51 वैदिक विद्वान, पूज्य गणेश्वर शास्त्री के निर्देशन में संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न करेंगे।

बता दें राष्ट्रपति मुर्मू मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लगभग 400 श्रमिकों का सम्मान भी करेंगी, यह कृतज्ञता का अनुपम उदाहरण होगा। साथ ही, वे मंदिर परिसर के परकोटा क्षेत्र स्थित एक देवालय पर ध्वजारोहण कर धर्मध्वजा को नवोन्नत करेंगी।राष्ट्रपति का आगमन प्रातः लगभग 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर होगा, जहां से वे सड़क मार्ग द्वारा मंदिर परिसर पहुंचेंगी। चार घंटे के इस प्रवास के दौरान वे ‘आद्य शंकराचार्य द्वार’ से प्रवेश कर सर्वप्रथम रामलला के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगी।

सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की दृष्टि से अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। संपूर्ण अयोध्या को उच्च सुरक्षा घेरे में रखा गया है, जबकि यातायात, आवास, एवं दर्शन-व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दिन VIP दर्शन स्थगित रहेंगे, किंतु सामान्य श्रद्धालुओं को सीमित समय में दर्शन की अनुमति प्रदान की जाएगी।

आगामी योजना के अंतर्गत मंदिर ट्रस्ट द्वारा परकोटा क्षेत्र के अन्य मंदिरों के दर्शन हेतु प्रतिदिन लगभग 5000 श्रद्धालुओं को प्रवेश-पत्र के माध्यम से अनुमति प्रदान करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

यह दिन केवल एक अनुष्ठान का नहीं, अपितु सनातन परंपरा, राष्ट्रीय अस्मिता और आध्यात्मिक जागरण का जीवंत प्रतीक बनकर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित होने जा रहा है। अयोध्या आज केवल एक नगर नहीं, बल्कि दिव्यता का प्रकट स्वरूप बन चुकी है।