पश्चिम बंगाल में भाजपा का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन, सुवेंदु अधिकारी के शपथ में पहुंचे 20 राज्यों में CM, पीएम मोदी ने खास शख्स का किया सम्मान

सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। वे अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली, संगठन क्षमता और जनाधार के लिए जाने जाते हैं।

Suvendu Adhikaris swearing-in ceremony- फोटो : news4nation

Suvendu Adhikari:  सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत NDA और भाजपा शासित राज्यों के करीब 20 मुख्यमंत्री शामिल हुए। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हैं।  समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर पहुंचते ही सबसे पहले 90 साल के माखन लाल सरकार का सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें शॉल ओढ़ाई और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान माखनलाल सरकार ने भी प्रधानमंत्री को गले लगाकर अपना स्नेह जताया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में रबिन्द्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।


इससे पहले शुक्रवार को कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। अमित शाह ने उनके नाम की औपचारिक घोषणा की थी। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।


सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। वे अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली, संगठन क्षमता और जनाधार के लिए जाने जाते हैं। नंदीग्राम आंदोलन से राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचने वाले सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की राजनीति में खास पहचान बनाई है।


शुरुआती जीवन और शिक्षा

सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में हुआ था। उनके पिता शिशिर अधिकारी लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं और सांसद भी रह चुके हैं। राजनीतिक परिवार से आने के कारण सुवेंदु की रुचि भी शुरू से राजनीति में रही। उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की और छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।


राजनीतिक सफर

सुवेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में वे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। वे 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान सबसे चर्चित नेताओं में शामिल रहे। इस आंदोलन ने उन्हें राज्यभर में बड़ी पहचान दिलाई। नंदीग्राम आंदोलन के बाद वे तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाने लगे। सुवेंदु अधिकारी कई बार सांसद और विधायक चुने गए। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार में परिवहन, सिंचाई और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली।


भाजपा में शामिल होना

साल 2020 में सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद वे पश्चिम बंगाल में पार्टी के सबसे बड़े चेहरों में उभरे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को कड़े मुकाबले में हराकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया।


राजनीतिक पहचान

सुवेंदु अधिकारी को हिंदुत्व राजनीति, मजबूत संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ वाला नेता माना जाता है। पूर्व और दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में उनका प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है।


निजी जीवन 

सुवेंदु अधिकारी का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके भाई दिव्येंदु अधिकारी भी सक्रिय राजनीति में हैं। सुवेंदु अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली और जनसभाओं में आक्रामक भाषण शैली के लिए जाने जाते हैं।