फलता विधानसभा सीट पर बीजेपी को बड़ी बढ़त, जहांगीर खान चौथे नम्बर पर, मतगणना लाइव

चुनाव आयोग के अनुसार अब तक चार राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसमें भाजपा प्रत्याशी देवांशु पांडा 14,093 वोटों से आगे चल रहे हैं।

Falta Poll Counting - फोटो : news4nation

Falta Poll Counting :  पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में हुए पुनर्मतदान की मतगणना आज सुबह आठ बजे से जारी है। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने बड़ी बढ़त बना ली है। चुनाव आयोग के अनुसार अब तक चार राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसमें भाजपा प्रत्याशी देवांशु पांडा 14,093 वोटों से आगे चल रहे हैं। उन्हें अब तक 25,438 वोट मिले हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान को केवल 1,405 वोट प्राप्त हुए हैं।


पहले राउंड की गिनती से ही भाजपा को बढ़त मिल गई थी। शुरुआती दौर में देवांशु पांडा ने नौ हजार से अधिक वोटों की बढ़त बना ली थी। वहीं सीपीआई (एम) उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 448 वोट के साथ दूसरे और कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल रज्जाक मोल्ला 225 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को पहले राउंड में 210 वोट मिले थे।


गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने 19 मई को चुनाव प्रचार समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ही चुनाव मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था। इसके बावजूद उनका नाम मतपत्र में बना रहा और 21 मई को सीट पर मतदान कराया गया। फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से पुनर्मतदान हुआ था। शाम पांच बजे तक 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 29 अप्रैल को हुए पहले मतदान की तुलना में थोड़ा कम था।


दरअसल, 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम में इत्र जैसी वस्तुएं डालने और एडहेसिव टेप लगाने के आरोप लगे थे। विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए फलता में पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया था। चुनाव आयोग के निर्देश पर पुनर्मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 285 मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई थीं। मतदान के दिन कई केंद्रों पर लंबी कतारें भी देखने को मिली थीं।


राजनीतिक रूप से भी यह सीट काफी अहम मानी जा रही है। यदि भाजपा फलता सीट जीतने में सफल रहती है तो पश्चिम बंगाल विधानसभा में उसकी सीटों की संख्या 207 हो जाएगी। भाजपा ने 2026 विधानसभा चुनाव में 207 सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीतने के बाद नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी, जिसके कारण पार्टी की प्रभावी संख्या कम हो गई थी।