Bihar School News: बिहार के 85 निजी स्कूलों की मान्यता होगी रद्द! शिक्षा विभाग ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम, जानिए पूरा मामला
Bihar School News: बिहार के 85 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द हो सकती है। शिक्षा विभाग ने इन सभी स्कूलों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। जिसके बाद इनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। इस आदेश के बाद स्कूल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
Bihar School News: बिहार के 85 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द हो सकती है। शिक्षा विभाग ने इन सभी स्कूलों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर यू-डायस पोर्टल पर नामांकन नहीं करने पर कोड रद्द कर दिया जाएगा। इस आदेश के बाद स्कूलों में हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद स्कूल प्रशासन आनन फानन में काम में जुटे हुए हैं। आइए जानते हैं मामला क्या है?
85 स्कूलों की मान्यता होगी रद्द?
दरअसल, अररिया जिले में 85 निजी विद्यालयों में कक्षा 1 और कक्षा 11 में नामांकन शून्य पाए जाने पर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। बार-बार निर्देश के बावजूद स्कूल प्रशासन की ओर से यू-डायस पोर्टल पर छात्रों की एंट्री नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने कड़ा रुख अपनाया है। डीईओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर नामांकन की प्रविष्टि पूरी नहीं की गई तो संबंधित स्कूलों का यू-डायस कोड रद्द कर दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
इन स्कूलों पर लटकी तलवार
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई की जद में आए 85 स्कूलों में से 72 विद्यालयों में कक्षा एक और 13 विद्यालयों में कक्षा 11 में नामांकन शून्य दर्ज है। कक्षा एक में नामांकन शून्य वाले 72 स्कूलों में अररिया प्रखंड के 27, फारबिसगंज के 16, भरगामा के दो, जोकीहाट के नौ, नरपतगंज के सात, पलासी और रानीगंज के चार-चार तथा सिकटी प्रखंड के तीन विद्यालय शामिल हैं। वहीं कक्षा 11 में शून्य नामांकन वाले स्कूलों में अररिया, पलासी और फारबिसगंज के तीन-तीन, नरपतगंज के दो तथा रानीगंज और जोकीहाट प्रखंड के एक-एक विद्यालय शामिल हैं।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन
डीईओ संजय कुमार ने शनिवार को बताया कि यू-डायस पोर्टल पर 72 निजी विद्यालयों में कक्षा एक में नामांकन शून्य दिखना शिक्षा के अधिकार अधिनियम का घोर उल्लंघन है। उन्होंने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के भीतर कक्षा एक में नामांकित शत-प्रतिशत बच्चों की प्रविष्टि यू-डायस पोर्टल पर सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं करने पर इन विद्यालयों का यू-डायस कोड और प्रस्वीकृति कोड निरस्त कर दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग का सख्त आदेश
डीईओ ने यह भी बताया कि हर वर्ष विद्यालयों में नामांकित सभी बच्चों का डेटा यू-डायस पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। 5 जनवरी को हुई राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में अररिया जिले के 95 निजी विद्यालयों में कक्षा एक में नामांकन शून्य पाया गया था। लगातार निर्देश और चेतावनी के बाद यह संख्या घटकर 72 रह गई है। डीईओ ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को कक्षा एक में नामांकित क्षमता का 25 प्रतिशत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देना अनिवार्य है।
31 दिसंबर को ही बंद हो गया है पोर्टल
डीईओ ने सख्त शब्दों में कहा कि, कक्षा एक में नामांकित बच्चों की यू-डायस पोर्टल पर एंट्री नहीं करना आरटीई अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि कक्षा एक को छोड़कर अन्य कक्षाओं के लिए यू-डायस पोर्टल 31 दिसंबर से ही बंद कर दिया गया है, ऐसे में लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।