Bihar News : भोजपुर में दारोगा की 'गुंडागर्दी', वीडियो बना रहे युवक की सरेआम की पिटाई और किया गाली-गलौज, वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल

ARA : बिहार के भोजपुर जिले के पवना थाना क्षेत्र में पुलिस का एक अमानवीय चेहरा सामने आया है। पवना बाजार में एक दरोगा द्वारा सरेआम एक युवक की बेरहमी से पिटाई और अभद्र गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वर्दी के नशे में चूर पुलिस अधिकारी की इस दबंगई ने इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है और पुलिस-पब्लिक संबंधों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पवना बाजार में एक मोची और जूता सिलवाने आए ग्राहक के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो रही थी। इसी विवाद के दौरान पवना निवासी मुन्ना साह वहां पहुंचे और अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाने लगे। तभी सूचना पाकर पवना थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मामले को शांत कराने के बजाय, पुलिस की नजर वीडियो बना रहे युवक पर पड़ गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

आरोप है कि दरोगा रामविलास रंजन राय जैसे ही मुन्ना साह को वीडियो बनाते देखा, वे अपना आपा खो बैठे। दरोगा ने आव देखा न ताव और बीच बाजार में ही युवक पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। वायरल वीडियो में साफ देखा और सुना जा सकता है कि दरोगा न केवल युवक को पीट रहे हैं, बल्कि उसके लिए अत्यंत अश्लील और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिसकर्मी का यह रूप देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए।

इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि लोकतांत्रिक देश में किसी भी घटना का वीडियो बनाना अपराध नहीं है, लेकिन पुलिस ने जिस तरह से कानून को हाथ में लिया वह निंदनीय है। पीड़ित मुन्ना कुमार ने इस अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ हिम्मत दिखाते हुए पवना थाना में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में उन्होंने दरोगा द्वारा की गई मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का पूरा विवरण देते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

वहीं, मामले के तूल पकड़ने के बाद पवना थानाध्यक्ष अनीश कुमार ने सफाई देते हुए कहा है कि विभाग को शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन अपने बेलगाम दरोगा पर वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर पुलिसिया जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। 

आशीष की रिपोर्ट