बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: साइबर अपराध रोकने के लिए EOU से 167 पुलिसकर्मी CCSU यूनिट में ट्रांसफर
बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से 167 पुलिसकर्मियों (इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाही) को नई 'साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट' (CCSU) में भेजा गया है। DGP के निर्देश पर आदेश जारी
पटना। बिहार में लगातार पैर पसार रहे डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बिहार पुलिस में बड़े पैमाने पर रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से 167 पुलिसकर्मियों को नई 'साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट' (CCSU) में स्थानांतरित किया गया है। सरकार के इस बड़े कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य में बढ़ती साइबर आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाना और जांच प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी व तेज बनाना है।
साइबर यूनिट को मजबूती: इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों की बड़ी फौज तैनात
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस नए ट्रांसफर आदेश के तहत साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) को बेहद मजबूत ढांचा प्रदान किया गया है। नई यूनिट में भेजे गए कुल 167 जवानों और अधिकारियों में इंस्पेक्टर, दारोगा (सब-इंस्पेक्टर), एएसआई (असिस्टेंट सब-इस्पेक्टर) और करीब 125 सिपाही (कांस्टेबल) शामिल हैं। पुलिसकर्मियों की इस बड़ी फौज को सीधे साइबर विंग में प्रतिनियुक्त करने से अब जिलों में दर्ज होने वाले तकनीकी और डिजिटल अपराध के मामलों की पेंडेंसी को जल्द खत्म किया जा सकेगा।

डीजीपी के निर्देश पर आदेश जारी: जल्द नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का फरमान
साइबर सुरक्षा को लेकर उठाए गए इस गंभीर कदम के तहत पुलिस महानिदेशक (DGP) के सख्त निर्देश पर डीआईजी (कार्मिक) ने ट्रांसफर का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सूची में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अपने नए पदस्थापन स्थल (CCSU यूनिट) पर पहुंचकर अपना योगदान सुनिश्चित करना होगा। इस बड़े फेरबदल से पुलिस महकमे के भीतर भी हड़कंप की स्थिति है।

आधुनिक तकनीक से लैस होगी CCSU: ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड पर सीधा वार
सरकार का पूरा फोकस इस समय सूबे में सक्रिय ऑनलाइन ठगी, बैंक धोखाधड़ी, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले डिजिटल फ्रॉड के सिंडिकेट को ध्वस्त करने पर है। इसी रणनीति के तहत नई CCSU यूनिट को न सिर्फ आधुनिकतम तकनीक और अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से लैस किया जा रहा है, बल्कि इसमें प्रशिक्षित मानव संसाधन (ट्रेन्ड डिजिटल एक्सपर्ट्स) की भी तैनाती की जा रही है। यह यूनिट साइबर हैकर्स और जालसाजों को ट्रैक करने के लिए पूरी तरह से अपग्रेड होगी।
पुलिस मुख्यालय का दावा: साइबर अपराधियों पर अब होगी और तेज और अचूक कार्रवाई
इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल और नई यूनिट के गठन को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा दावा किया है। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अनुभवी और तकनीकी रूप से सक्षम जवानों के CCSU में आने से अब साइबर अपराधियों पर पहले से कहीं अधिक तेज और अचूक कार्रवाई की जा सकेगी। बिहार पुलिस के इस कदम को राज्य की आंतरिक डिजिटल सुरक्षा और आम जनता की गाढ़ी कमाई को इंटरनेट ठगों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बेहद अहम और दूरगामी फैसला माना जा रहा है।